Wednesday, February 11, 2026
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धान घोटाला’ बना सियासी तमाशा, अब लापता धान नहीं… ‘वांटेड चूहों’ की तलाश…

कवर्धा। छत्तीसगढ़ में लाखों क्विंटल धान के कथित गायब होने का मामला अब गंभीर जांच से ज्यादा राजनीतिक व्यंग्य और विरोध प्रदर्शन का रूप लेता नजर आ रहा है। कवर्धा जिले के धान संग्रहण केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान गायब होने की सफाई जब ‘चूहों’ पर डाली गई, तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने इसे मुद्दा बनाते हुए अनोखा विरोध शुरू कर दिया है।

जोगी कांग्रेस ने धान घोटाले को लेकर प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि धान का गबन हुआ है और जिम्मेदारी से बचने के लिए चूहों को दोषी बनाया जा रहा है। इसी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिले में जगह-जगह “वांटेड चूहा” लिखे पोस्टर लगाए हैं, जिससे मामला और भी चर्चा में आ गया है।

पार्टी का दावा है कि कवर्धा के अलावा महासमुंद, जशपुर और बस्तर जिलों के धान केंद्रों से भी इसी तरह धान गायब हुआ है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जोगी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील केसरवानी ने कहा कि कबीरधाम जिले में ही 7 से 8 करोड़ रुपये मूल्य का धान गायब हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सच में इतना धान चूहों ने खा लिया है, तो ऐसे चूहों को पकड़कर सामने लाना चाहिए। उन्होंने मीडिया और जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं “लापता चूहा” दिखाई दे, तो इसकी सूचना दी जाए, ताकि यह साफ हो सके कि दोषी चार पैरों वाला चूहा है या दो पैरों वाला।

सुनील केसरवानी ने यह भी ऐलान किया कि इस मुद्दे को लेकर अगले दिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी कवर्धा पहुंचेंगे। वे धान संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और प्रतीकात्मक रूप से “चूहा पकड़ो अभियान” चलाकर प्रशासन के सामने पूरे मामले का खुलासा करेंगे।

धान घोटाले को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब प्रदेश की राजनीति में व्यंग्य और आक्रोश का नया चेहरा बनता नजर आ रहा है।

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