
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा अधीक्षक (बाल देखरेख संस्था) पद हेतु आयोजित की जाने वाली परीक्षा 2025 को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह परीक्षा 18 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।

यह परीक्षा राज्य के चार प्रमुख संभागों—सरगुजा, बिलासपुर, बस्तर और रायपुर—में आयोजित होगी। आयोग के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा।

नाम और पहचान पत्र को लेकर सख्ती
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों के नाम, सरनेम या फोटो में प्रवेश पत्र और पहचान पत्र के बीच किसी भी प्रकार का अंतर पाया जाता है, उन्हें नाम परिवर्तन से संबंधित मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बिना वैध प्रमाण के ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परीक्षा केंद्र में क्या ले जाना अनुमत और क्या प्रतिबंधित
अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में केवल लेबल रहित पारदर्शी पानी की बोतल, CGPSC द्वारा जारी ऑनलाइन प्रवेश पत्र का प्रिंटआउट, मूल पहचान पत्र (मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड या ई-आधार) साथ ला सकते हैं। यदि प्रवेश पत्र पर फोटो अस्पष्ट या गलत है, तो केवल उसी स्थिति में दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो लाने की अनुमति होगी।
उत्तर लिखने के लिए केवल काले या नीले रंग के बॉल प्वाइंट पेन की अनुमति रहेगी। जहां आवश्यक हो, वहां HB पेंसिल के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा कोई भी अन्य सामग्री पाए जाने पर अभ्यर्थी के खिलाफ अनुचित साधन के प्रयोग की कार्रवाई की जाएगी।
ड्रेस कोड और आभूषणों को लेकर निर्देश
परीक्षा में किसी भी प्रकार की घड़ी—चाहे वह मैकेनिकल हो या स्मार्ट वॉच—पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अभ्यर्थियों को जूते, मोटे सोल या ऊंची हील वाले फुटवियर पहनने की अनुमति नहीं होगी। केवल पतले सोल वाली चप्पल या स्लीपर पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा।
नजर के चश्मे को छोड़कर किसी भी प्रकार के गॉगल्स, डिजिटल ग्लासेस या स्मार्ट ग्लास पहनना वर्जित रहेगा।
अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनने होंगे। काले, गहरे नीले, हरे, जामुनी, मेरून, बैगनी या गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनने पर रोक रहेगी। ठंड के मौसम को देखते हुए साधारण स्वेटर पहनने की अनुमति होगी, लेकिन सुरक्षा जांच के दौरान स्वेटर उतारकर जांच करानी होगी।
कार्गो और डिजाइनर कपड़े पहनकर परीक्षा में शामिल नहीं हुआ जा सकेगा, हालांकि सामान्य जींस और साधारण पैंट पहनने की अनुमति है।
महिला अभ्यर्थी सलवार-कुर्ती और दुपट्टा पहन सकती हैं, लेकिन कुर्ती की बांह आधी होनी चाहिए। साड़ी पहनने की स्थिति में ब्लाउज की बांह भी आधी होनी अनिवार्य है।
कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनने की अनुमति नहीं होगी। विवाहित महिला अभ्यर्थियों को केवल एक नोज पिन और एक मंगलसूत्र पहनने की छूट दी गई है, वह भी गहन जांच के अधीन।
दिव्यांग और विशेष परिस्थितियों वाले अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था
दिव्यांग या बीमार अभ्यर्थी, जिन्हें चिकित्सकीय कारणों से विशेष उपकरण या जूते पहनने की आवश्यकता है, उन्हें गहन जांच के बाद अनुमति दी जाएगी। जिन दिव्यांग अभ्यर्थियों को सहलेखक (स्क्राइब) की अनुमति प्राप्त है, उनके सहलेखक को भी आयोग द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
समय से पहुंचना अनिवार्य
सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना होगा, ताकि मेटल डिटेक्टर और मैन्युअल तलाशी, फ्रिस्किंग, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का सत्यापन तथा चेहरे का मिलान किया जा सके।
परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष जोर
परीक्षा कक्ष के भीतर भी आवश्यकतानुसार तलाशी ली जा सकेगी। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, लॉग टेबल, पेजर, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के संचार साधन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई प्रतिबंधित वस्तु पाई जाती है, तो चाहे उसका उपयोग किया गया हो या नहीं, अभ्यर्थी के खिलाफ अनुचित साधन के प्रयोग का मामला दर्ज किया जाएगा।
परीक्षा समाप्त होने से पहले किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
आपात स्थिति और साइबर सुरक्षा
चिकित्सकीय आपात स्थिति में अभ्यर्थी को चिकित्सालय ले जाने की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन उस दौरान अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका और प्रवेश पत्र जमा कराए जाएंगे और दो वीक्षक लगातार निगरानी में रहेंगे।
संचार साधनों के दुरुपयोग को रोकने और साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों में जैमर का भी उपयोग किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।
