
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कैश कलेक्शन से लौट रहे एक सुपरवाइजर से करीब 20 लाख रुपये लूटने और उसकी हत्या की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले पीड़ित की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका, फिर जबरन कार में बैठाकर मैनपाट ले गए और गहरी खाई में फेंक दिया। सौभाग्य से सुपरवाइजर की जान बच गई।

ऐसे हुई पूरी वारदात
पीड़ित हरीश देवांगन, जो मेसर्स अरविंद इंडस्ट्रीज चांपा में सुपरवाइजर हैं, 9 जनवरी 2026 को कंपनी की राशि कलेक्शन के लिए सक्ती गए थे। वहां से पेट्रोल पंप और हार्डवेयर दुकान से कुल 20 लाख 18 हजार 700 रुपये नकद लेकर वह मोटरसाइकिल से चांपा लौट रहे थे।
दोपहर करीब 3:30 बजे ग्राम कोसमंदा के पास एक काली कार में सवार बदमाशों ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। जब हरीश आंखें साफ कर रहे थे, तभी तीन आरोपियों ने नकदी से भरा बैग छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने उन्हें जबरन कार में बैठा लिया।
आरोपी रात करीब 9 बजे हरीश को मैनपाट के सेल्फी प्वाइंट ले गए और हत्या की नीयत से गहरी खाई में धक्का दे दिया। लेकिन हरीश झाड़ियों में फंस गए और रात भर वहीं लटके रहे। सुबह किसी तरह सड़क तक पहुंचकर उन्होंने घटना की सूचना कंपनी और पुलिस को दी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल काली कार की पहचान की। वाहन चांपा निवासी अमीर मिरी के नाम पर दर्ज पाई गई, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में अमीर मिरी ने अपने साथियों योगेश रात्रे, जमुना सेवायक और महेश्वर दिवाकर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर सुपरवाइजर की गतिविधियों पर नजर रखी थी।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई
आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से 13 लाख 75 हजार रुपये, वारदात में प्रयुक्त कार, चाकू, बेसबॉल स्टिक और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
