
बिलासपुर। बिलासपुर के कांग्रेस भवन में भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन और कथित तोड़फोड़ को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री आशुतोष शर्मा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

आशुतोष शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को विरोध करने और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में किसी राजनीतिक कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए, न कि हिंसा या अराजकता के जरिए।

‘राजनीतिक विरोध की भी एक मर्यादा होती है’
शर्मा के मुताबिक, राजनीतिक दलों के कार्यालय केवल संगठनात्मक गतिविधियों के केंद्र नहीं, बल्कि उनकी विचारधारा से भी जुड़े होते हैं। ऐसे स्थानों पर हंगामा और तोड़फोड़ की घटनाएं राजनीतिक शालीनता और आपसी सम्मान की भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे दल और उनसे जुड़े संगठनों की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून का सम्मान करें। विरोध के नाम पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
किसान कांग्रेस नेता ने प्रशासन से कांग्रेस भवन में हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने, संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
कांग्रेस भवन में हुए इस घटनाक्रम के बाद शहर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, यह बयान किसान कांग्रेस नेता आशुतोष शर्मा की प्रतिक्रिया पर आधारित है। घटना के सभी तथ्यों और कथित नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
