Wednesday, February 11, 2026
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12वीं छात्र ने लगाई फांसी, 11 पेज के सुसाइड नोट में शिक्षकों पर आरोप; परिजनों ने किया चक्काजाम..! जांच में जुटी पुलिस..

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक स्कूली छात्र ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक छात्र के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें स्कूल में पदस्थ शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

मृतक छात्र की पहचान और स्कूल का विवरण

मृतक छात्र की पहचान कमलेश जायसवाल के रूप में हुई है। वह जांजगीर-चांपा जिले में स्थित न्यूवोको सीमेंट प्लांट द्वारा संचालित एक स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कमलेश नियमित रूप से स्कूल जाता था, लेकिन हाल के दिनों में वह मानसिक रूप से तनाव में बताया जा रहा था।

सुसाइड नोट से जांच की दिशा बदली

घटना स्थल पर पुलिस को छात्र के शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला। इस नोट में छात्र ने स्कूल के कुछ शिक्षकों पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि नोट की लिखावट और सामग्री की पुष्टि के लिए पुलिस इसे जांच का हिस्सा बना रही है।
इसी आधार पर संबंधित शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है।

घटना की जानकारी और पुलिस की कार्रवाई

छात्र की मौत के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।सुसाइड नोट को जब्त कर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल पुलिस ने इसे संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मानते हुए हर एंगल से जांच शुरू कर दी है।

परिजनों का आरोप और नाराजगी

मृतक छात्र के परिजनों ने साफ तौर पर स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों पर लापरवाही व प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो यह घटना टाली जा सकती थी।
परिवार की मांग है कि:

  • दोषी शिक्षकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
  • स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच हो
  • मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए

आक्रोशित लोगों का प्रदर्शन और चक्काजाम

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने छात्र के शव को सड़क पर रखकर आरसमेटा–मुलमुला थाना मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

  • लगभग दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा
  • बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक संगठन मौके पर पहुंचे
  • प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की

प्रशासन की मौजूदगी और स्थिति नियंत्रण के प्रयास

स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारी परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल शांत कराने की कोशिश में जुटे रहे।
अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य करने का प्रयास किया गया।

आगे क्या?

  • पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता की जांच करेगी
  • संबंधित शिक्षकों और स्कूल स्टाफ से विस्तृत पूछताछ होगी
  • मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और छात्र के हालिया व्यवहार की भी जांच हो सकती है
  • जांच पूरी होने के बाद ही कानूनी कार्रवाई तय होगी

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन के तरीकों और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल पूरे जिले की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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