
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन नंबर–2 में शुक्रवार को अचानक लगी आग से पूरे संयंत्र क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार ICL के सामने स्थित PBS-2 की गैस पाइपलाइन में अचानक प्रेशर बढ़ा और देखते ही देखते गैस का रिसाव शुरू हो गया। रिसाव कुछ ही पल में भयंकर लपटों में तब्दील हो गया, जिससे आसपास काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बीएसपी के फायर एंड सेफ्टी विभाग की कई दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं। टीमों ने क्षेत्र को तुरंत खाली कराया और हाई-प्रेशर फोम सिस्टम की मदद से आग पर नियंत्रण करने की प्रक्रिया शुरू की। प्रबंधन के मुताबिक आग को सीमित दायरे में रोकना प्राथमिकता थी ताकि यह अन्य गैस लाइन या यूनिटों तक न पहुंचे।

कोकोवन से जुड़ा अहम स्टेशन
बताया जा रहा है कि PBS-2 सीधे कोकोवन प्लांट से जुड़ा हुआ है। यहां से मिलने वाली ब्लोइंग गैस का उपयोग संयंत्र के कई महत्वपूर्ण विभागों में मशीनें चलाने के लिए किया जाता है। गैस लीकेज के चलते इन यूनिटों पर अस्थायी प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रही, जिसके चलते एहतियातन कुछ विभागों को अस्थायी रूप से बंद भी किया गया।

बड़ा हादसा टला, कोई हताहत नहीं
संयंत्र प्रबंधन के अनुसार फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय पर गैस सप्लाई रोकने और दमकल कर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है और तकनीकी टीम पाइपलाइन के उस हिस्से की जांच में जुटी है जहां से गैस का रिसाव हुआ।
कारणों की विस्तृत जांच जारी
हालांकि प्रारंभिक अनुमान है कि तकनीकी खराबी या लाइन में अचानक बढ़े दबाव के कारण रिसाव हुआ होगा, लेकिन प्रबंधन ने इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
संयंत्र में सुरक्षा मानकों की पुन: समीक्षा की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
संयंत्र के कर्मचारियों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आश्वस्त किया गया है कि स्थिति नियंत्रण में है और संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित है।
