
दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। पहले सार्वजनिक कार्यक्रमों में अश्लील नृत्य को कला बताने वाले बयान से घिरे मंत्री अब प्लास्टिक बोतलों में बिकने वाली शराब पर की गई टिप्पणी के कारण राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गए हैं।

दरअसल, राज्य सरकार द्वारा शराब को प्लास्टिक बोतलों में बेचने के फैसले के बाद पर्यावरणविदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि प्लास्टिक में रखी शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी मुद्दे पर पत्रकारों ने मंत्री नेताम से सवाल किया।

“अनुभव लेकर ही बता पाऊंगा”
गुरुवार (29 जनवरी) को दुर्ग स्थित कामधेनु विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री से पूछा गया कि क्या प्लास्टिक बोतलों में शराब रखने से कैंसर का खतरा बढ़ता है। इस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि उन्हें नहीं पता कि कैंसर प्लास्टिक की बोतल से होता है या कांच की बोतल से, इस बारे में कुछ कहने के लिए “अनुभव लेना पड़ेगा”। मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने मंत्री के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि जब मामला जनस्वास्थ्य से जुड़ा हो, तब इस तरह का हल्का बयान देना उचित नहीं है। वहीं सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी सरकार से प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री के फैसले पर पुनर्विचार की मांग दोहराई है।
सरकार के लिए असहज स्थिति
मंत्री नेताम का बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार पहले ही इस नीति को लेकर सवालों के घेरे में है। ऐसे में यह टिप्पणी सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा करती दिख रही है और विपक्ष को नया राजनीतिक मुद्दा मिल गया है।
