
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बजरंगपुर नवागांव वार्ड में शनिवार की दोपहर मधुमक्खियों के हमले से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, वहीं पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सहमे हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक नवागांव वार्ड में लोग रोज की तरह अपने कामों में व्यस्त थे। दोपहर के समय अचानक ही हजारों की संख्या में मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर टूट पड़ा। अचानक हुए इस हमले से मोहल्ले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कई लोगों ने घरों तथा दुकानों में जाकर शरण ली। कुछ लोग दुकान के अंदर घुसकर शटर गिरा दिए ताकि मधुमक्खियों से बचा जा सके, लेकिन इसके बावजूद कई लोग मधुमक्खियों के जहरीले डंक का शिकार हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड में स्थित एक पुराने पेड़ पर बड़ा मधुमक्खी का छत्ता बना हुआ था। बताया जा रहा है कि किसी कारणवश उस छत्ते को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद मधुमक्खियां बेहद आक्रामक हो गईं और आसपास मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में 35 वर्षीय सुशीला देवांगन और 28 वर्षीय शिव यदु बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनके शरीर में जहर तेजी से फैल चुका था। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद दोनों की मौत हो गई।

हमले में घायल हुए अन्य लोगों में सुमित्रा साहू, सुनीता यादव, माया डोगरे, पार्वती साहू और मृतक शिव यदु का बेटा शामिल हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें अगले कुछ दिनों तक कड़ी निगरानी में रखा जाएगा।

घटना के बाद नवागांव वार्ड के लोगों में दहशत फैल गई है। लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को घरों से बाहर निकलने से रोक रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में कई पेड़ों पर मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते मौजूद हैं, लेकिन प्रशासन ने इन्हें हटाने या सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। इसी लापरवाही के चलते यह घटना घटी है।

स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तुरंत प्रभाव से इलाके में मौजूद खतरनाक मधुमक्खी के छत्तों को हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। वहीं, दो लोगों की मौत के बाद पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।
