Sunday, August 31, 2025
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ड्रग्स माफिया का बड़ा भंडाफोड़ : फिल्मी स्टाइल में चलाते थे नशे का धंधा, 5 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल, 273 ग्राम हेरोइन समेत 57 लाख का माल जब्त…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। यह गिरोह पंजाब के जालंधर से हेरोइन लाकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में सप्लाई करता था। पुलिस ने कार्रवाई में 273.14 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 5 मोबाइल फोन और अन्य सामग्री सहित कुल 57 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। जब्त की गई हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनमोहन सिंह उर्फ जग्गू (गिरोह का सरगना), जसप्रीत कौर, दिव्या जैन, विजय मोटवानी और नितिन पटेल के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और धमतरी जिलों में फैला हुआ था। इनका कारोबार बड़े क्लबों, फार्महाउस और हाई-प्रोफाइल प्राइवेट पार्टीज़ तक सक्रिय था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी रोजाना लाखों रुपये की ड्रग्स की खपत करवाते थे, जिससे नशे का कारोबार लगातार फल-फूल रहा था।

पुलिस ने सबसे पहले गिरोह के मास्टरमाइंड मनमोहन सिंह को दबोचा। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर पूरे गिरोह को धर दबोचा गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी फिल्मी स्टाइल में नशे का धंधा चलाते थे। ड्रग्स किसी सुनसान इलाके में छुपाकर रखी जाती और उसका वीडियो बनाकर ग्राहकों को भेजा जाता। इसके बाद लोकेशन शेयर या इंटरनेट कॉलिंग के जरिए सौदा तय किया जाता था। इस तरीके से वे पुलिस की निगरानी से बचते हुए कारोबार करते थे।

मुख्य सरगना मनमोहन सिंह और विजय मोटवानी को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान 150 से अधिक ग्राहकों और कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। आरोपियों के मोबाइल, फ्लैट और डायरी से बरामद दस्तावेज़ों व रिकॉर्ड्स की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही पंजाब और अन्य राज्यों के ड्रग सिंडिकेट्स से इनके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।

एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इससे पहले भी रायपुर पुलिस ने कई मामलों में बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त की है। कोतवाली और टिकरापारा पुलिस ने पिछले महीनों में करीब 20 से अधिक आरोपियों को पकड़कर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेरोइन बरामद की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रायपुर पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ड्रग्स सिंडिकेट्स के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

इस ताज़ा सफलता से नशे के व्यापार में शामिल बड़े नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। यह गिरोह पंजाब के जालंधर से हेरोइन लाकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में सप्लाई करता था। पुलिस ने कार्रवाई में 273.14 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 5 मोबाइल फोन और अन्य सामग्री सहित कुल 57 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। जब्त की गई हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनमोहन सिंह उर्फ जग्गू (गिरोह का सरगना), जसप्रीत कौर, दिव्या जैन, विजय मोटवानी और नितिन पटेल के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और धमतरी जिलों में फैला हुआ था। इनका कारोबार बड़े क्लबों, फार्महाउस और हाई-प्रोफाइल प्राइवेट पार्टीज़ तक सक्रिय था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी रोजाना लाखों रुपये की ड्रग्स की खपत करवाते थे, जिससे नशे का कारोबार लगातार फल-फूल रहा था। पुलिस ने सबसे पहले गिरोह के मास्टरमाइंड मनमोहन सिंह को दबोचा। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर पूरे गिरोह को धर दबोचा गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी फिल्मी स्टाइल में नशे का धंधा चलाते थे। ड्रग्स किसी सुनसान इलाके में छुपाकर रखी जाती और उसका वीडियो बनाकर ग्राहकों को भेजा जाता। इसके बाद लोकेशन शेयर या इंटरनेट कॉलिंग के जरिए सौदा तय किया जाता था। इस तरीके से वे पुलिस की निगरानी से बचते हुए कारोबार करते थे। मुख्य सरगना मनमोहन सिंह और विजय मोटवानी को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान 150 से अधिक ग्राहकों और कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। आरोपियों के मोबाइल, फ्लैट और डायरी से बरामद दस्तावेज़ों व रिकॉर्ड्स की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही पंजाब और अन्य राज्यों के ड्रग सिंडिकेट्स से इनके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इससे पहले भी रायपुर पुलिस ने कई मामलों में बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त की है। कोतवाली और टिकरापारा पुलिस ने पिछले महीनों में करीब 20 से अधिक आरोपियों को पकड़कर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेरोइन बरामद की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रायपुर पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ड्रग्स सिंडिकेट्स के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस ताज़ा सफलता से नशे के व्यापार में शामिल बड़े नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।