
सारंगढ़ बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ – बिलाईगढ़ जिले में मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब भाजपा नेता जय बानी ने पीआईसी (संपत्ति कर निर्धारण समिति) की बैठक से संबंधित फाइल न दिखाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेता ने कार्यालय में प्रवेश कर कर्मचारियों से तीखी बहस की और कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।घटना के दौरान नेता द्वारा कुर्सियों और टेबलों को उलटने और आलमारी से दस्तावेज निकालकर इधर-उधर फेंकने की बात सामने आई है, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल, मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों ने स्थिति की जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि भाजपा नेता ने सरकारी जमीन को 3 साल के लिए लीज पर लिया था। जिसकी अवधि 2024 में समाप्त हो गई है। नगर पालिका प्रशासन ने उस जमीन को रिन्यूअल नहीं किया और वहां बनाए गए स्ट्रक्चर को तोड़ने का आदेश दिया, जिससे नाराज होकर उसने कार्यालय में उत्पात मचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिन दस्तावेजों को बिखेरा गया, वे प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील थे। इस अप्रत्याशित घटना के बाद से नगर पालिका कार्यालय में भय और तनाव का माहौल बना रहा, जिससे सामान्य कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हुआ। चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद कोई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा और न ही तत्काल कोई ठोस कदम उठाया गया। प्रशासन की इस निष्क्रियता को लेकर कर्मचारियों और आम नागरिकों में गहरी नाराजगी देखी गई।

स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को शासन-प्रशासन की कमजोरी का प्रतीक बताया और सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधि ही कानून व्यवस्था की अवहेलना करें, तो आम लोगों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? लोगों ने मांग की है कि दोषी नेता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद संबंधित विभाग द्वारा रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
