
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध राजिम कुंभ कल्प मेले में सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर राजिम विधायक रोहित साहू का गुस्सा फूट पड़ा। मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे विधायक ने लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी को आड़े हाथों लिया।

विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की अव्यवस्थाएं सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं और जिम्मेदारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान मौजूद अधिकारी जवाब देने के बजाय एक-दूसरे की ओर देखते नजर आए।

कलाकारों के साथ बदसलूकी बनी विवाद की जड़
मामला कुंभ मेले में प्रस्तुति देने आए कलाकारों के भोजन और पेयजल की व्यवस्था से जुड़ा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कलाकारों को करीब डेढ़ घंटे तक मंच के पास बैठाए रखा गया, लेकिन उन्हें न तो भोजन दिया गया और न ही पानी की समुचित व्यवस्था की गई।

इससे पहले 7 फरवरी को पत्रकारों और आम नागरिकों ने भी इवेंट कंपनी पर अनावश्यक रोक-टोक और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद विधायक ने प्रशासन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अगले दिन हालात और बिगड़ गए।
मौके पर पहुंचे विधायक, मांगा जवाब
कलाकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जानकारी मिलते ही विधायक रोहित साहू स्वयं मौके पर पहुंचे और अधिकारियों व इवेंट कंपनी से जवाब तलब किया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने सभी को कड़ी चेतावनी दी।
विधायक ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला प्रदेश की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, यहां किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कलाकारों का सम्मान सर्वोपरि है।

कलाकारों को खुद ले जाकर कराया भोजन
स्थिति को संभालते हुए विधायक रोहित साहू सभी कलाकारों को अपने साथ निजी रेस्टोरेंट ले गए और भोजन की व्यवस्था कराई। उन्होंने दो टूक कहा कि इस तरह की लापरवाही दोबारा हुई तो कड़ी कार्रवाई तय है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
