रायपुर/बालोद। छत्तीसगढ़ एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बालोद जिले में पदस्थ दो रिश्वतखोर बाबू को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी प्रार्थी से सेवा संबंधी कार्य में सुविधा के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।

जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मुकेश कुमार यादव, जो कि कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बालोद में वाहन चालक के पद पर कार्यरत है, उसका डिमोशन कर चौकीदार के पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरूर में पदस्थ किया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ उसने उच्च न्यायालय, बिलासपुर में याचिका दायर कर स्टे आदेश प्राप्त कर लिया था। अदालत से आदेश मिलने के बाद उसे दोबारा वाहन चालक के पद पर बहाल कर दिया गया।

इसके बाद उसके सर्विस बुक का सत्यापन कर एरियर निकालने की प्रक्रिया शुरू करनी थी। इसी सिलसिले में उसने कार्यालय में पदस्थ युगल किशोर साहू एवं सुरेन्द्र कुमार सोनकर (दोनों सहायक ग्रेड-2) से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने उससे 25-25 हजार रुपये, कुल 50 हजार की रिश्वत की मांग की। यहां तक कि आरोपी कर्मचारियों ने 20,000 रुपये अग्रिम के रूप में पहले ही ले लिए थे।

प्रार्थी रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं था और उसने इस पूरे मामले की शिकायत रायपुर स्थित एन्टी करप्शन ब्यूरो से कर दी। शिकायत की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ACB की टीम ने आज ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। योजना के तहत जैसे ही प्रार्थी ने दोनों आरोपियों को दूसरी किस्त के रूप में 15-15 हजार रुपये (कुल 30,000 रुपये) दिए, उसी समय ब्यूरो की टीम ने दोनों को रंगे हाथों रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाएगी।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम की एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। ACB अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सख्ती से निगरानी की जा रही है और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप की स्थिति है।
