Thursday, February 12, 2026
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रिश्वत का खेल: वन विभाग ने असली शिकारियों को बचाया… निर्दोष किसान जेल में… वन विभाग पर उठे गंभीर सवाल…?

बिलासपुर: वन विभाग की लापरवाही से हाथी शावक की मौत, असली शिकारी बरी, निर्दोष किसान फंसे/

शिकायतों में आरोप: वन विभाग ने असली शिकारी को रिश्वत लेकर छोड़ा/

बिलासपुर। बिलासपुर के तखतपुर परिक्षेत्र में करेंट लगने से एक हाथी के शावक की मौत के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि असली शिकारी को छोड़कर निर्दोष किसानों को फंसाया गया। पकड़े गए मनोज मरकाम और उनके पिता कमल सिंह को जेल भेज दिया गया है।

ग्रामीणों का आरोप: निर्दोष बाप-बेटे को किया गया फंसाने का प्रयास

सूत्रों के मुताबिक, मनोज और उनके पिता को शिकार के आरोप में गिरफ्तार किया गया, हालांकि उनके पास से शिकार से संबंधित कोई भी सामान बरामद नहीं हुआ। पूछताछ में मनोज ने असली आरोपियों के नाम बताए थे, लेकिन वन विभाग ने सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार कर बाकी को छोड़ दिया।

रिश्वत का आरोप, असली आरोपी मौज में 

गिरफ्तार किए गए ललित गौड़ ने गांव में कहा कि उसने वन विभाग के अधिकारियों को रिश्वत देकर खुद को बचा लिया। इस बयान से ग्रामीणों में आक्रोश है और मनोज की पत्नी का कहना है कि उनके पति को बेवजह फंसाया गया है।

वन विभाग द्वारा शिकार के सामान की बरामदगी

वन विभाग ने ललित गौड़ सहित अन्य आरोपियों के घर से जीआई तार, सर्विस वायर, कुल्हाड़ियां, आरी, और लकड़ी के खुटी बरामद किए, जो कि शिकार के सामान में आते हैं। इन आरोपियों पर वन्यजीव अधिनियम के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।

मामले में लापरवाही, अनभिज्ञ अधिकारी द्वारा मामला तैयार

सूत्रों के अनुसार, इस मामले को तैयार करने में लापरवाही बरती गई। एक नए अधिकारी द्वारा मामले को तैयार करवाया गया जबकि इसमें अनुभवी अधिकारी का होना जरूरी था।

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल!

वन्यजीव अधिनियम के तहत शिड्यूल-1 श्रेणी के जीवों के शिकार के मामले में रेंजर वार्डन को छोड़ने का अधिकार नहीं है, फिर भी आरोपी ललित गौड़ को छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का मानना है कि इससे शिकारियों के हौसले और बढ़ेंगे।

मध्यप्रदेश की तर्ज पर कार्रवाई की मांग, वन मंत्री से कार्रवाई की अपील

ग्रामीणों का कहना है कि मध्यप्रदेश में हाल ही में हाथी की मौत के मामले में दोषी अधिकारियों पर सस्पेंशन की कार्रवाई हुई, जबकि छत्तीसगढ़ में अब तक ऐसा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ के वन मंत्री से मामले में तुरंत कार्रवाई की अपील की है।

मुख्य वन संरक्षक का आश्वासन: दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक प्रभात मिश्रा ने कहा है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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