
बिलासपुर। बिलासपुर शहर की खूबसूरती और नियोजित विकास पर लगातार अवैध प्लाटिंग का खतरा मंडरा रहा है। इसी गंभीर मुद्दे पर सख्ती दिखाते हुए नगर निगम ने बहतराई, मोपका और चिल्हाटी क्षेत्र के 35 खसरा नंबरों की रजिस्ट्री रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम आयुक्त अमित कुमार के निर्देश पर उप-पंजीयक को आधिकारिक पत्र भेजकर इन जमीनों के पंजीयन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने को कहा गया है।

निगम की जांच में पाया गया कि कई भू-स्वामियों ने बिना व्यपवर्तन और बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के जमीन को छोटे–छोटे टुकड़ों में बांटकर निजी लाभ के लिए बेच दिया। यह कार्रवाई नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292-ग (2) का स्पष्ट उल्लंघन है।
बहतराई क्षेत्र—कई खसरा नंबरों पर रोक की तैयारी
बहतराई के प.ह.नं. 48 के अंतर्गत खसरा नंबर
420/1, 420/2, 439/1-2, 440/1-2, 57/3, 57/10, 463/1, 456, 457, 449, 454
में अवैध रूप से कॉलोनियों का निर्माण कर विक्रय किया जा रहा था।
मोपका और चिल्हाटी में भी खुली मनमानी
मोपका के खसरा 472/2, 473/6, 473/7, 465/1, 319/2, 320/1, 322/1, 323/1, 1317/1, 1317/17, 2100/2, 2100/24 (कुल क्षेत्रफल 1.2612 हेक्टेयर)
और
चिल्हाटी के खसरा 294/1, 294/2, 294/3, 294/5, 294/4, 294/8, 294/9, 294/10, 299/4, 299/5, 300/4 (कुल क्षेत्रफल 0.7306 हेक्टेयर)
में भी अवैध प्लाटिंग की पुष्टि हुई है।
निगम का बड़ा निर्देश
- इन सभी खसरा नंबरों की रजिस्ट्री तत्काल रोकने के आदेश।
- अब तक हुए सभी पंजीयनों की छायाप्रति उपलब्ध कराने के निर्देश।
- अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
नगर निगम का मानना है कि अनियंत्रित और अवैध प्लाटिंग न केवल शहर की सुंदरता बिगाड़ रही है, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं में भी बाधक बनती जा रही है। इसलिए प्रशासन ने अब इस पर लगाम कसने का कड़ा निर्णय लिया है।
