
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में एक के बाद एक धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं। अब एक बार फिर पचपेड़ी थाना क्षेत्र के जोंधरा गांव धर्मांतरण को लेकर बवाल हो गया। आरोप है कि गांव में आयोजित एक प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण की कोशिश की जा रही थी, जिसकी भनक लगते ही हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध किया। मौके पर पुलिस पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटी और अब मामले की जांच की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, जोंधरा गांव में एक ग्रामीण के घर पर महिलाओं की मौजूदगी में प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी। इस दौरान भजन-कीर्तन भी किया जा रहा था। लेकिन आसपास के कुछ लोगों ने इसे धर्मांतरण की गतिविधि बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

विरोध करने पहुंचे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के नाम पर ग्रामीणों को गुमराह कर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां गांवों में लंबे समय से चल रही हैं।

वहीं, ईसाई समुदाय के लोगों ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह महज धार्मिक सभा थी, जिसका धर्मांतरण से कोई लेना-देना नहीं है। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष थाने पहुंचे और अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी है और गांव में शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और यदि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
