
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार को बड़ा बवाल उस वक्त खड़ा हो गया जब दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजनों ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक इतना तनावपूर्ण हो गया कि पंचायत शिक्षाक अनुकंपा संघ की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी सोनवानी ने आवेश में आकर फिनायल पीने की कोशिश की। पुलिस और वहां मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें रोकते हुए इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

दो दिनों से जारी आंदोलन
मिली जानकारी के अनुसार, दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजनों का यह आंदोलन बीते दो दिनों से राजधानी रायपुर में जारी है। संघ का कहना है कि जिन पंचायत शिक्षकों की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई, उनके परिवार के सामने आजीविका का संकट गहरा गया है। लंबे समय से वे सरकार से अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यही कारण है कि वे बार-बार धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

विजय शर्मा के बंगले के बाहर प्रदर्शन
शुक्रवार को संघ के सैकड़ों सदस्य विजय शर्मा के सरकारी बंगले के बाहर पहुंच गए और वहां धरना देने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। इसी बीच संघ की महिला अध्यक्ष अश्वनी सोनवानी ने अचानक फिनायल पीने का प्रयास किया, जिसे देखकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों और अन्य कार्यकर्ताओं ने किसी तरह उन्हें काबू में लिया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
प्रदर्शनकारियों को बस से भेजा गया
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं को बसों में बैठाकर नया रायपुर के निर्धारित धरना स्थल पर भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राजधानी की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। हालांकि, संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
पूरा घटनाक्रम कैमरों में कैद हो गया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झूमाझटकी, महिलाओं को जबरन बस में बैठाने और महिला अध्यक्ष के आत्महत्या का प्रयास करने जैसी घटनाएं साफ दिखाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होते ही इस मुद्दे ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और विपक्षी दल सरकार पर हमला बोल सकते हैं।

संघ का ऐलान – संघर्ष होगा तेज
अनुकंपा संघ ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। संघ का आरोप है कि सरकार ने कई बार आश्वासन तो दिया लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मृत शिक्षकों के परिजनों को न्याय दिलाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने तक यह संघर्ष और भी तेज किया जाएगा।
यह पूरा घटनाक्रम न केवल प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि आखिर कब तक मृतक पंचायत शिक्षकों के परिवार दर-दर भटकने को मजबूर रहेंगे। अब देखना यह होगा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या निर्णय लेती है।
