
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के अमेरा कोल माइंस विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। लखनपुर थाना पुलिस ने इस मामले में 150 ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार बीते दिनों अमेरा कोल माइंस परिसर में हुए विवाद के दौरान ग्रामीणों ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए लाठी, डंडे, पत्थर और गुलेल से पुलिस टीम पर हमला कर दिया था।

इस हमले में एएसपी, अपर कलेक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर सहित लगभग 40 अधिकारी-कर्मचारी घायल हो गए थे। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं।

घटना के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 55 ग्रामीणों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि बाकी अज्ञात ग्रामीणों की पहचान की जा रही है। जिन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, वह अत्यंत गंभीर मानी जाती हैं —
- शासकीय कार्य में बाधा,
- शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना,
- हत्या का प्रयास,
- भीड़ हिंसा (रायटिंग)
सहित कई अन्य धाराएं शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमले की वीडियो फुटेज और मोबाइल क्लिपिंग की जांच की जा रही है। वहीं ग्रामीणों का तर्क है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन स्थिति अचानक बेकाबू हो गई। स्थानीय प्रशासन अब पूरे प्रकरण की मूल वजहों की जांच कर रहा है और दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं।
अमेरी क्षेत्र में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार गश्त बढ़ा रहा है और ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
