
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शनिवार शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर संभावित मंत्रियों के नाम सौंप दिए हैं।

दरअसल, सीएम साय ने सुबह ही मीडिया से बातचीत में कहा था कि इंतजार जल्द खत्म होगा और विदेश दौरे से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। वे 22 अगस्त से पहले विदेश रवाना होने वाले हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 18 अगस्त से पहले ही तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।

बताया जा रहा है कि हरियाणा मॉडल को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार किया जाएगा। हरियाणा में 90 विधायक होने के बावजूद मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। छत्तीसगढ़ में भी 90 विधायक हैं और नियमों के मुताबिक 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब तक यहां 13 मंत्री ही नियुक्त होते रहे हैं।

संभावित मंत्रियों की सूची में इस बार कई नए नाम सामने आए हैं। इनमें अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल, आरंग से विधायक गुरु खुशवंत सिंह और दुर्ग से विधायक गजेंद्र यादव शामिल हैं। पहले जिन नेताओं के नामों पर चर्चा थी, उनमें अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत प्रमुख थे।
गुरु खुशवंत सिंह का नाम विशेष तौर पर सतनामी समाज के समीकरणों के चलते अहम माना जा रहा है। वे भंडारपुरी गद्दी के उत्तराधिकारी हैं और अपने पिता गुरु बालदास के साथ 2023 चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा की रणनीति है कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर अनुसूचित जाति समाज में पकड़ मजबूत की जाए।
वहीं, अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल ने पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव को हराकर बड़ी जीत हासिल की थी। उनके नाम की चर्चा वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिहाज से भी हो रही है, क्योंकि बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद इस समाज का सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं है।
दूसरी ओर, दुर्ग के विधायक गजेंद्र यादव की दावेदारी आरएसएस के समर्थन और यादव समाज की मजबूत आबादी के कारण बेहद मजबूत मानी जा रही है। संगठन से लेकर समाज तक, उनके नाम पर सहमति जताई जा रही है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर किस तारीख को साय कैबिनेट का विस्तार होगा और कौन-कौन मंत्री पद की शपथ लेंगे।
