
रायपुर। प्रदेश की कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस (Collector-SP Conference) का दूसरा दिन आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज को खोखला कर रही है और इसके कारण चोरी, लूट, हत्या और महिला अपराध जैसे अन्य गंभीर अपराधों को बढ़ावा मिलता है। इसलिए इस पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाकर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में निगरानी को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि PIT NDPS Act के तहत दर्ज मामलों में समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित हो। इसके साथ ही नशाखोरी के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि युवा वर्ग इस जाल में न फंसे। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल-कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

बैठक में साइबर अपराधों की समीक्षा भी प्रमुख बिंदु रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बदलते स्वरूप में सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहना होगा। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और नियमित साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। सीएम ने यह भी कहा कि साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम नागरिक तुरंत मदद ले सकें। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं और शीघ्र ही 9 नए साइबर थाने शुरू किए जाएंगे, जिससे साइबर अपराध नियंत्रण को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने महिला और बालिकाओं से जुड़े अपराधों पर विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए त्वरित जांच और समयसीमा में चालान प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने जिलों के परफॉर्मेंस की समीक्षा करते हुए बेहतर कार्य करने वाले अफसरों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।

इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों, नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, अपराध नियंत्रण रणनीति और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
यह कॉन्फ्रेंस प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता में विश्वास कायम रखने की दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
