
बिलासपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईडी के खिलाफ नेहरू चौक में पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में एकत्र हुए और नारेबाज़ी करते हुए रैली की। पुलिस की ओर से पुतला जब्त करने की कोशिश की गई, लेकिन कांग्रेसजनों के विरोध के सामने प्रयास विफल रहा और पुतले को आग के हवाले कर दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी पहले भी राहुल गांधी से पूछताछ कर चुकी है। “पुराने मामले में दोबारा एफआईआर दर्ज करवाना साबित करता है कि केंद्र सरकार राहुल गांधी के ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ अभियान से घबरा गई है,” उन्होंने आरोप लगाया। मिश्रा ने कहा कि देश में हाल के चुनावों को लेकर जनता में अविश्वास बढ़ा है और इसी भय के कारण केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने नेशनल हेराल्ड को आज़ादी की लड़ाई का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह संस्था सहकारी ढांचे के तहत स्थापित हुई थी और वित्तीय कारणों से नियमों के अनुसार स्थानांतरित की गई है। “बीफ कंपनी से 250 करोड़ की चंदा लेने वाली भाजपा की जांच ईडी क्यों नहीं करती? ‘सब्सिडी पाओ–चंदा दो’ मॉडल पर चल रही भाजपा के फंड पर जांच कब होगी?” गंगोत्री ने सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से भाजपा को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये चंदे के तौर पर मिले हैं।

गंगोत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति केंद्रीय जांच एजेंसियों पर आधारित है। “पहले ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स से दवाब बनता है, फिर लोग भाजपा में शामिल होते ही उनके केस कमजोर या बंद कर दिए जाते हैं,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में शहर और ग्रामीण संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री, विजय केशरवानी, विजय पांडेय, समीर अहमद, जावेद मेमन, विनोद साहू, मोती ठारवानी, विक्की यादव सहित कई नेता शामिल थे।
