
रायपुर। बिलासपुर जिले की नगर पंचायत मल्हार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ठेके में अनियमितताओं के मामले में राज्य शासन ने सख्त कदम उठाया है। ठेका प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने पर दो सीएमओ, दो सब इंजीनियर और एक कैशियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय स्तर से की गई है।

दरअसल, नगर पंचायत मल्हार में 15वें वित्त आयोग (टाइड फंड) मद के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 2 मिनी टिप्पर खरीदे जाने थे। इसके लिए 6 नवंबर 2024 को निविदा आमंत्रित की गई थी। जांच में सामने आया कि प्रारंभिक पात्रता परीक्षण के दौरान तीन अपात्र फर्मों को जानबूझकर पात्र घोषित कर दिया गया, जबकि तीन योग्य फर्मों को अपात्र कर दिया गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं—
- तात्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी: किरण पटेल (वर्तमान पदस्थापना: नगर पंचायत गुंडरदेही)
- प्रभारी सीएमओ, नगर पंचायत मल्हार: मनीष ठाकुर
- उप अभियंता: के.एन. उपाध्याय
- उप अभियंता: जोयस तिग्गा (वर्तमान पदस्थापना: नगर पालिका अकलतरा)
- तात्कालीन कैशियर/प्रभारी लिपिक: अर्जुन दास (वर्तमान पदस्थापना: नगर पंचायत राहौद)
रिश्वत लेकर ठेका देने का आरोप
इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से रिश्वत लेकर चहेती फर्मों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पात्रता प्रक्रिया में हेरफेर की। शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का गंभीर उल्लंघन माना है।
निलंबन अवधि के दौरान सभी अधिकारियों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

