
Economic Blockade : रायपुर। ईडी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में आपात बैठक बुलाई, जिसमें बड़ा निर्णय लेते हुए 22 जुलाई को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम का ऐलान किया गया। (Economic Blockade)
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बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विधानसभा में पेड़ कटाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन ध्यान भटकाने के लिए सुबह-सुबह ईडी ने रेड डाली और उनके बेटे को बिना नोटिस सीधे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को “अवैधानिक” और “राजनीतिक बदले की भावना” से प्रेरित बताया।
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बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुन-चुनकर कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है। आदिवासी नेता कवासी लखमा को जेल भेजा गया, सतनामी समाज के नेताओं को फंसाया गया और अब उनके बेटे को भी, जो राजनीति में सक्रिय नहीं है, टारगेट किया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी प्रेस वार्ता में बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ में जल, जंगल और जमीन की खुली लूट कर रही है। उन्होंने कहा कि एक टीवी, एक चप्पल और एक जग के नाम पर पूर्व मुख्यमंत्री को बदनाम किया गया लेकिन असली आरोपी आज भी खुले घूम रहे हैं। महादेव सट्टा एप अब भी बंद नहीं हुआ और नया एप भी शुरू हो गया है।
दीपक बैज ने दो टूक कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है। पार्टी डबल इंजन की सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। 22 जुलाई को कांग्रेस पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरकर आर्थिक नाकेबंदी करेगी और चक्काजाम कर सरकार की नाकामियों को उजागर करेगी।
