
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में इन दिनों हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात तब और गंभीर हो गए जब 13-13 हाथियों के दो बड़े दल को बासीनपाट और सोनगुढ़ा इलाके में देखा गया। इन झुंडों ने कई किसानों की फसलें रौंद डालीं, जिससे भारी नुकसान हुआ है।

दो झुंडों की हलचल से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों दल लगातार गांवों और खेतों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है। खेतों में पककर तैयार हुई फसलें हाथियों ने नष्ट कर दीं, जिसके बाद किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
वन विभाग ने भी स्थिति को गंभीर मानते हुए ग्रामीणों को सावधानी बरतने तथा हाथियों से दूर रहने की अपील की है। विभाग की टीम ड्रोन कैमरों की मदद से हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की
लगातार हो रहे नुकसान और खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है। विभाग की ओर से गांवों में मुनादी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।

चार जिलों में चार लोगों की मौत, सूरजपुर में दंपत्ति को कुचला
हाथियों के आतंक का दायरा सिर्फ सक्ती तक सीमित नहीं है। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक हाथियों ने चार जिलों में चार लोगों की जान ले ली।
शुक्रवार देर रात सूरजपुर जिले के बिसाही पोड़ी गांव में खेत में सो रहे एक दंपत्ति को हाथियों ने कुचलकर मार डाला।
मृतक दंपत्ति की पहचान कबिलास राजवाड़े (42) और धनियारो (38) के रूप में हुई है। दोनों खलिहान में धान की रखवाली कर रहे थे।
