
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में स्थित एक शराब दुकान से चार कर्मचारियों को जबरन ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुधवार शाम स्कॉर्पियो वाहन में पहुंचे बदमाशों ने दुकान में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की और चार लोगों को अगवा कर लिया।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया और मीडिया में अपहरण की खबर फैलते ही आरोपी हरकत में आए और देर रात सभी कर्मचारियों को छोड़ दिया। इसके बाद कर्मचारी खुद दुकान पहुंचे और पुलिस को सुरक्षित लौटने की जानकारी दी, हालांकि अब तक किसी तरह की लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

दुकान में मची अफरा-तफरी, भीड़ बनी मूकदर्शक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वारदात के समय शराब दुकान में भारी भीड़ मौजूद थी। तभी दो गाड़ियों में सवार अज्ञात लोग दुकान के भीतर घुसे और कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद चार कर्मचारियों को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। हैरानी की बात यह रही कि आरोपियों के हाथों में डंडे होने के बावजूद किसी ने विरोध करने की हिम्मत नहीं की।
चंदा और शराब तस्करी से जुड़ा विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में मामला शराब तस्करी से जुड़े सिंडिकेट और चंदा वसूली के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के एक गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने शराब दुकान के मैनेजर से चंदा मांगा था। इन लोगों का संबंध अवैध शराब बिक्री करने वाले गिरोह से बताया जा रहा है। चंदा देने से इनकार करने पर आरोपियों ने कर्मचारियों को डराने और दबाव बनाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
शिकायत का इंतजार कर रही पुलिस
तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस का कहना है कि कर्मचारियों द्वारा अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
