Wednesday, February 11, 2026
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भ्रष्टाचार का खेल! “कमीशन दो, नहीं तो सड़क तुड़वा दूंगा” – सीईओ पर लगा बड़ा आरोप, भ्रष्टाचार से परेशान इंजीनियर ने खुद मांगा निलंबन, सीईओ ने आरोपों से झाड़ा पल्ला…

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। अंबिकापुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) आर.एस. सेंगर पर सरपंच और इंजीनियर दोनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि सीईओ ने कलेक्टर के नाम पर कमीशन मांगा और दबाव बनाया। यह मामला अब न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि उच्च प्रशासनिक स्तर और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) तक पहुंच गया है।

सरपंच पति का आरोप: कमीशन नहीं देने पर धमकी

ग्राम पंचायत खलीबा के सरपंच पति गंगाराम ने एक वीडियो जारी कर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत में कलेक्टर द्वारा स्वीकृत 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड के निर्माण कार्य में सीईओ ने उनसे कमीशन मांगा। जब उन्होंने कमीशन देने से इनकार कर दिया, तो सीईओ ने निर्माण कार्य को घटिया बताकर सड़क तोड़वाने की धमकी दी। गंगाराम का आरोप है कि यह पूरा खेल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और व्यक्तिगत लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है।

इंजीनियर ने की उच्चस्तरीय शिकायत

इस मामले में पंचायत के उपयंत्री राघवेंद्र यादव ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक और EOW को लिखित शिकायत भेजी है। अपनी शिकायत में इंजीनियर ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि सीईओ स्वयं ठेकेदारी में शामिल रहते हैं। आरोप है कि वे अधूरे और घटिया निर्माण कार्यों का भी मूल्यांकन कमीशन लेकर कराने का दबाव डालते हैं। यादव का कहना है कि लगातार भ्रष्टाचार और अनुचित दबाव से परेशान होकर उन्होंने स्वयं अपना निलंबन करने का आवेदन दिया है। यह कदम उनकी मजबूरी और निराशा को दर्शाता है।

सीईओ का बचाव

दूसरी ओर, जनपद पंचायत सीईओ आर.एस. सेंगर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह सभी बातें बेबुनियाद हैं और उनकी छवि धूमिल करने की साजिश की जा रही है।

बढ़ सकता है मामला

यह पूरा विवाद अब सरगुजा जिले में चर्चा का विषय बन गया है। सरपंच द्वारा जारी वीडियो और इंजीनियर की लिखित शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई है। अब देखना होगा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और EOW इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला छत्तीसगढ़ की पंचायत व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार की एक बड़ी कड़ी को उजागर कर सकता है।

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