
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन परिसर में बुधवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जब प्रधान आरक्षक रामआश्रा पोर्ते ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव पुलिस लाइन परिसर के सामुदायिक भवन के पास फंदे पर लटका हुआ मिला। रामआश्रा पोर्ते एमटीपी शाखा में वाहन चालक के पद पर तैनात थे। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। 26 अगस्त को वह लाइन में अनुपस्थित रहे थे, जिसके बाद उनकी गैरहाजिरी पर किसी तरह की विशेष कार्रवाई नहीं हुई थी। बुधवार सुबह पुलिसकर्मियों ने सामुदायिक भवन के पास उनका शव देखा और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पंचनामा कार्रवाई की और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी बारीकी से जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रामआश्रा पोर्ते ने आत्महत्या क्यों की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है।

पुलिस लाइन में तैनात सहयोगियों और अधिकारियों के अनुसार, रामआश्रा पोर्ते अपने कर्तव्यों में जिम्मेदार और ईमानदार अधिकारी माने जाते थे। उनके अचानक जीवन का अंत होने से विभाग में शोक की लहर फैल गई है।

इस घटना ने पुलिस विभाग में मानसिक स्वास्थ्य और कर्मचारियों की भलाई के मुद्दों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने और भविष्य में ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों की रोकथाम के लिए प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष और त्वरित होगी, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। यह घटना सभी के लिए चेतावनी भी है कि मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है।
