
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के अरईबंद गांव पिछले दो दिनों से गहरे मातम में डूबा हुआ है। एक ही परिवार में मां, बेटा और उसके मित्र की दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। गांव की गलियों से लेकर चौपाल तक सन्नाटा पसरा है, लोग हैरान हैं कि इतना बड़ा हादसा एक साथ कैसे हो गया।

इलाज के लिए ले जाते समय मां की मौत
ग्राम अरईबंद निवासी इंद्राबाई बंजारे की तबीयत बिगड़ने पर परिवारजन उन्हें दोपहिया वाहन से तखतपुर अस्पताल ले जा रहे थे। शाम करीब 4 बजे रास्ते में वाहन फिसल गया और इंद्राबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस खबर से परिवार टूट गया।

मां का शव देखकर लौट रहे बेटे की मौत
इंद्राबाई के पुत्र संत बंजारे और उसका मित्र जितेंद्र बंजारे, मां की मौत की सूचना मिलने पर तखतपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। रात में दोनों दोपहिया वाहन से गांव लौट रहे थे ताकि अंतिम संस्कार की तैयारी कर सकें और ग्रामीणों को सूचना दे सकें।लेकिन गांव से कुछ दूरी पहले ही, ग्राम खपरी के पास सड़क किनारे खड़े एक भारी वाहन से उनकी बाइक जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

गांव में मातम, लोग स्तब्ध
तीन मौतों ने गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। एक ही परिवार में मां और बेटे की मौत और साथ ही बेटे के मित्र की जान जाने से हालात बेहद दुखद हो गए हैं। गांव में हर कोई परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहा है, लेकिन माहौल इतना भारी है कि किसी के पास शब्द नहीं बच रहे।
पुलिस जांच जारी, ग्रामीणों की मांग
दोनों दुर्घटनाओं में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे भारी वाहनों की लापरवाही से खड़े रहने की वजह से अक्सर हादसे होते हैं। लोगों ने ऐसी गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
