
बिलासपुर। शिक्षा विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 कर्मचारी विकास तिवारी को स्थानांतरण आदेश का पालन न करना महंगा पड़ गया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बिलासपुर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, विकास तिवारी का प्रशासनिक तबादला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहर्सी (सोन), विकासखंड मस्तुरी में किया गया था। यह आदेश कलेक्टर बिलासपुर और छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुरूप जारी हुआ था। 1 जुलाई 2025 को उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विधिवत कार्यमुक्त भी कर दिया गया था, ताकि वे नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर सकें।

इसके बावजूद उन्होंने आज तक नई जगह पर जॉइनिंग नहीं दी। मामले में उन्होंने अभ्यावेदन भी प्रस्तुत किया था, जिसे वरिष्ठ सचिवों की समिति के समक्ष रखा गया। समिति ने उच्च न्यायालय के आदेश (21 जुलाई 2025) के परिपालन में जांच के बाद स्पष्ट किया कि स्थानांतरण नीति 2025 का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। इस आधार पर उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।

शासन के 14 जून 2024 के आदेशों के अनुसार, अनधिकृत अनुपस्थिति और कर्तव्य विमुखता पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। DEO ने अपने आदेश में लिखा है कि विकास तिवारी लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित हैं, जो शासनादेश की अवहेलना और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के विरुद्ध गंभीर कदाचार है।
इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मस्तुरी कार्यालय निर्धारित किया गया है।
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