Wednesday, February 11, 2026
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Japanese Encephalitis in Bastar : जापानी बुखार की दस्तक: JE से अब तक दो मौतें, 19 मरीजों की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग सतर्क, जानें कैसे फैलता है जापानी बुखार…

Japanese Encephalitis in Bastar : जापानी बुखार की दस्तक: JE से अब तक दो मौतें, 19 मरीजों की पुष्टि,

Japanese Encephalitis in Bastar : बस्तर। बारिश का मौसम शुरू होते ही छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के साथ अब जापानी इंसेफेलाइटिस (Japanese Encephalitis – JE) ने भी दस्तक दे दी है। पिछले छह महीनों में संभाग से JE के कुल 19 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से 2 मरीजों की मौत हो चुकी है। (Japanese Encephalitis in Bastar)

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Japanese Encephalitis in Bastar : जापानी

दो मरीजों की मौत, रिपोर्ट का इंतजार

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लोहांडीगुड़ा और केसलूर इलाके में दो मरीजों की मौत जापानी बुखार के संदेह में हुई है। हालांकि, अभी जांच रिपोर्ट आना बाकी है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत की वजह JE थी या कोई और बीमारी।

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बस्तर जिला बना हॉटस्पॉट

अब तक सामने आए 19 मामलों में से सबसे ज्यादा 13 केस बस्तर जिले से मिले हैं। वहीं बीजापुर से 3 और अन्य जिलों से 3 मामले सामने आए हैं। सभी मरीजों में जापानी बुखार के लक्षण पाए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

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क्या है जापानी इंसेफेलाइटिस?

जापानी इंसेफेलाइटिस एक गंभीर वायरल बीमारी है जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है। यह वायरस Culex प्रजाति के मच्छरों के ज़रिए फैलता है, जो आमतौर पर सूअर और जंगली पक्षियों से संक्रमण प्राप्त करते हैं। यह बीमारी मुख्यतः बच्चों को प्रभावित करती है और गंभीर मामलों में कोमा या मृत्यु का कारण भी बन सकती है।

लक्षण क्या हैं?

तेज़ बुखार

सिरदर्द

उल्टी

साँस लेने में परेशानी

बेहोशी या भ्रम की स्थिति

मांसपेशियों में अकड़न

दौरे या लकवा

गंभीर मामलों में कोमा या मौत

इलाज और बचाव

इस वायरस का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन समय पर लक्षणों का इलाज और देखभाल से मरीज को ठीक किया जा सकता है। बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय माना गया है।

टीकाकरण योजना:

पहली डोज: 9 से 12 माह के बच्चों को

दूसरी डोज: 16 से 24 माह के बीच

भारत में JE वैक्सीन (SA-14-14-2) का उपयोग किया जाता है।

मच्छर से बचाव कैसे करें?

मच्छरदानी में सोएं

मच्छर भगाने वाले उपकरणों का प्रयोग करें

आसपास पानी जमा न होने दें

कूलर, गमले, टायर आदि का पानी नियमित रूप से बदलें

नालियों की सफाई कराएं

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण इलाकों में सर्वे और टीकाकरण अभियान तेज़ कर दिया है। प्रशासन भी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चला रहा है।

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