
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म संचालक धीरज साहू की हत्या के सनसनीखेज मामले का बिलासपुर पुलिस ने महज़ तीन दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। पुरानी रंजिश के चलते की गई इस नृशंस हत्या में पुलिस ने दो आरोपियों को महाराष्ट्र बॉर्डर से धरदबोचा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (IPS) के निर्देशन पर ASP ग्रामीण डॉ. अर्चना झा, ASP ACCU, कोटा थाना, एसीसीयू टीम, डॉग स्क्वाड एवं एफएसएल की संयुक्त कार्रवाई से इस जटिल केस का खुलासा संभव हो सका।

कैसे हुआ पूरा मामला शुरू
30 नवंबर की रात धीरज साहू अपने पोल्ट्री फार्म में सोने गया था, लेकिन सुबह नहीं मिला।
1 दिसंबर को परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद 7 दिसंबर को ग्राम घोड़ामार के बाँधा तालाब में एक युवक की लाश मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शव की पहचान धीरज साहू के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न टीमें गठित कीं।

तकनीक और तेज़ी से मिला सुराग
जांच के दौरान —
- आसपास के सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले गए
- हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया
- परिजनों, मित्रों व संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई
तकनीकी पहलुओं से पुलिस को अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू पर शक गहरा गया।

पूछताछ में कबूला गुनाह
गिरफ्तारी के बाद दोनों ने स्वीकार किया कि:
- एक साल पुरानी रंजिश के कारण उन्होंने धीरज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई
- 30 नवंबर की रात मोटर पंप निकालने का झांसा देकर धीरज को सिविल साहू के प्लॉट बुलाया
- वहां दोनों ने मिलकर चाकू से उसकी हत्या की
- सबूत मिटाने के लिए शव पर पत्थर बांधकर तालाब में फेंक दिया,
- वहीं हत्या में प्रयुक्त चाकू, कपड़े और मोबाइल को कोरी डेम में फेंका
पुलिस की एकजुट कार्यवाही
मामले में पुलिस ने आरोपियों की मोटरसाइकिल CG 10 BG 1727, हत्या में प्रयुक्त चाकू और सबूत बरामद कर लिए हैं।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एसपी बिलासपुर का संदेश
एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस टीम ने पूरी सक्रियता और समर्पण के साथ काम करते हुए भाग रहे आरोपियों को महाराष्ट्र बॉर्डर तक पहुंचकर पकड़ा है।
पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई दी गई है और जल्द ही सभी को पुरस्कृत किया जाएगा।
इन अधिकारियों और जवानों का रहा अहम योगदान
थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक अजहरुद्दीन, उपनिरीक्षक हेमंत आदित्य, चौकी प्रभारी हेमंत सिंह, डॉग स्क्वाड, एफएसएल टीम, PR Satyaprakash Yadav, Rahul Singh, Atish Parikh, Mahadev Kujur, Prashant Singh, Jaleshwar Sahu,
Someshwar Sahu, Chandan Manikpuri, Akhilesh Parker, Deep Kanwar, Prafull Yadav, Sanjay Shyam — सभी की तत्परता और टीमवर्क से हत्या का राज़ खुल पाया।
