बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे कोचिंग यार्ड में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक्सप्रेस के एक्स्ट्रा कोच की धुलाई के दौरान एक ठेका कंपनी का कर्मचारी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। घायल कर्मचारी का नाम प्रताप बताया जा रहा है, जो रेलवे कोच की सफाई का काम कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रताप रोज की तरह ट्रेन कोच की धुलाई कर रहा था। इस दौरान बिना पूर्व सूचना के 13300 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन में करंट प्रवाहित कर दिया गया। प्रताप की लापरवाही नहीं बल्कि इसी कारण से वह बिजली के संपर्क में आ गया और देखते ही देखते उसका शरीर बुरी तरह से झुलस गया। घटना होते ही यार्ड में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने आनन-फानन में प्रताप को गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसे के बाद साथी कर्मचारी अरुण सोनवानी ने बताया कि इस तरह की घटनाएं रेलवे प्रबंधन और ठेकेदार की गंभीर लापरवाही को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे मजदूरों की जान पर हमेशा खतरा बना रहता है। घटना को लेकर कर्मचारियों में भी भारी आक्रोश है।
यह हादसा कई सवाल खड़ा करता है कि आखिर बिना सूचना दिए हाईटेंशन लाइन में करंट प्रवाहित क्यों किया गया? रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और ठेकेदार कंपनी की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल घटना की जांच की जा रही है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर रेलवे कार्यस्थलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।