Sunday, August 31, 2025
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बड़ा हादसा: करंट लगने से दो मजदूरों की मौत, मकान मालिक गंभीर, बिजली विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश…

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शुक्रवार को हुए एक हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। झिलमिली थाना क्षेत्र के ग्राम केवरा में मकान निर्माण के दौरान करंट लगने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि मकान मालिक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम केवरा निवासी विपिन चंद जायसवाल अपने घर का नया मकान बनवा रहा था। निर्माण कार्य के लिए गांव के ही दो मजदूर – रामप्रसाद विश्वकर्मा और कल्लू – को काम पर लगाया गया था। शुक्रवार की दोपहर तीनों मिलकर निर्माणाधीन मकान से थोड़ी दूरी पर खड़े एक पुराने बिजली के पोल को हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पोल अनजाने में पास से गुजर रहे सर्विस तार से टकरा गया।

जैसे ही पोल ने बिजली के तार को छुआ, तेज करंट पूरे पोल में फैल गया और वहां मौजूद तीनों लोग उसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते सभी जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद ग्रामीण दौड़े, लेकिन तब तक दोनों मजदूरों की मौत हो चुकी थी। वहीं, मकान मालिक विपिन चंद बुरी तरह झुलस गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में घटना की सूचना पुलिस और बिजली विभाग को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायल को अस्पताल भिजवाया।

इस हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया। एक ही गांव के दो लोगों की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है और गांवभर में गमगीन माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मृत मजदूरों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।

पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। लोगों ने मांग की है कि विभाग को जल्द से जल्द गांव में लटकते तारों और जर्जर पोलों की मरम्मत करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

फिलहाल घायल मकान मालिक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, उसके शरीर का एक बड़ा हिस्सा झुलस चुका है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। दूसरी ओर, मजदूरों की मौत से उनके परिवार पर गहरा संकट टूट पड़ा है। गांव के लोग लगातार शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

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सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शुक्रवार को हुए एक हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। झिलमिली थाना क्षेत्र के ग्राम केवरा में मकान निर्माण के दौरान करंट लगने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि मकान मालिक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम केवरा निवासी विपिन चंद जायसवाल अपने घर का नया मकान बनवा रहा था। निर्माण कार्य के लिए गांव के ही दो मजदूर – रामप्रसाद विश्वकर्मा और कल्लू – को काम पर लगाया गया था। शुक्रवार की दोपहर तीनों मिलकर निर्माणाधीन मकान से थोड़ी दूरी पर खड़े एक पुराने बिजली के पोल को हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पोल अनजाने में पास से गुजर रहे सर्विस तार से टकरा गया। जैसे ही पोल ने बिजली के तार को छुआ, तेज करंट पूरे पोल में फैल गया और वहां मौजूद तीनों लोग उसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते सभी जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद ग्रामीण दौड़े, लेकिन तब तक दोनों मजदूरों की मौत हो चुकी थी। वहीं, मकान मालिक विपिन चंद बुरी तरह झुलस गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में घटना की सूचना पुलिस और बिजली विभाग को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायल को अस्पताल भिजवाया। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया। एक ही गांव के दो लोगों की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है और गांवभर में गमगीन माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मृत मजदूरों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। लोगों ने मांग की है कि विभाग को जल्द से जल्द गांव में लटकते तारों और जर्जर पोलों की मरम्मत करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल घायल मकान मालिक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, उसके शरीर का एक बड़ा हिस्सा झुलस चुका है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। दूसरी ओर, मजदूरों की मौत से उनके परिवार पर गहरा संकट टूट पड़ा है। गांव के लोग लगातार शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।