
बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में चल रही कथित अनियमितताओं और छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर एनएसयूआई ने आज जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ सभा, नारेबाज़ी और बाजे–गाजे के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन व उच्च शिक्षा विभाग को घेरते हुए जवाबदेही की मांग उठाई।

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन दीक्षांत समारोह के नाम पर लाखों–करोड़ों रुपये के दुरुपयोग, बिना नियम पालन के टेंडर जारी करने और छात्रों से आर्थिक दोहन जैसी गंभीर अनियमितताओं में संलिप्त है। संगठन का कहना है कि स्थाई कुलसचिव की नियुक्ति के बावजूद प्रशासन शासन के नियमों की अनदेखी कर मनमुताबिक फैसले ले रहा है।

प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के अनुसार, दीक्षांत समारोह की तैयारियों में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। बिना निविदा प्रकाशित किए टेंडर जारी करना, विरोध के बाद महज 48 घंटे की निविदा अवधि देना और अंतिम तिथि से पहले ही डोम लगाने का काम शुरू कर देना इस बात का प्रमाण है कि पूरा मामला पहले से तय था। कई अन्य कार्य भी बिना वैध प्रक्रिया के कराए जाने की आशंका जताई गई है।

विरोध के दौरान कुलसचिव डॉ. तारनीश गौतम प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उन्होंने प्रक्रिया में हुई भूलों को स्वीकार करते हुए कहा कि भविष्य में सभी कार्य पारदर्शिता और नियमों के पालन के साथ ही किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिन अधिकारियों या समिति सदस्यों से त्रुटि हुई है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आश्वासन मिलने के बाद एनएसयूआई ने धरना समाप्त तो कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनियमितताएँ नहीं रोकीं और छात्रहित को प्राथमिकता नहीं दी, तो आंदोलन और बड़ा रूप लेगा। संगठन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे “सड़क से लेकर सदन तक” संघर्ष करेंगे और इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में रंजेश सिंह, पुष्पराज साहू, करन यादव, राजा खान, ओमप्रकाश बंजारे, पंकज सोनवानी, विशु साहू, अंशु गोस्वामी, हरदेव साहू, सुदामा साहू, गौकरण, भूमिकाराज, अक्षय त्रिपाठी, सुमित कुमार, शशांक भार्गव, अभिजीत साहू, अंशु समेत सैकड़ों छात्र नेता मौजूद रहे।
