
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के बहतराई रोड स्थित गीतांजलि सिटी फेस-1 में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां बिना अनुमति और स्वीकृत नक्शे के तीन मंजिला भवन का निर्माण कर उस पर ओयो होटल संचालित किया जा रहा था। पार्षद रेखा पांडेय की शिकायत पर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन को सील कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, यह बिल्डिंग गायत्री केडिया की है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग मालिक ने निगम से किसी प्रकार की अनुमति लिए बिना अवैध निर्माण कराया और उस पर ओयो का बोर्ड लगाकर होटल का संचालन शुरू कर दिया। यहां करीब 17 कमरे बनाए गए थे, जिनमें लंबे समय से होटल का कारोबार चल रहा था। निगम की मंजूरी के बिना इस तरह से व्यवसायिक गतिविधि चलाना नियमों का उल्लंघन है।

पार्षद रेखा पांडेय ने जब क्षेत्र में इस अवैध होटल संचालन की जानकारी जुटाई तो उन्होंने तत्काल निगम कमिश्नर से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद भवन शाखा की टीम को जांच के लिए भेजा गया। निरीक्षण में पाया गया कि न केवल निर्माण अवैध है बल्कि होटल संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। पहले यहां ओयो का बड़ा बोर्ड भी लगा हुआ था, लेकिन आसपास के लोगों और पार्षद के विरोध के बाद बोर्ड को हटा दिया गया था। इसके बावजूद होटल का संचालन गुपचुप तरीके से जारी था।

निगम कमिश्नर के आदेश पर जब टीम ने कार्रवाई की तो होटल में मौजूद स्टाफ से पूछताछ की गई। लेकिन स्टाफ किसी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर निगम अधिकारियों ने होटल को सील करने का निर्णय लिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस इलाके में होटल संचालन से असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती थी। वहीं पार्षद का कहना है कि बिना अनुमति बनाए गए ऐसे अवैध निर्माण और होटल संचालन पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि अन्य लोग भी नियमों का पालन करें।

निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी बिना अनुमति के बने भवन और अवैध व्यवसायों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में होटल मालिक और संचालक के खिलाफ भी नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

यह कार्रवाई न केवल अवैध निर्माण और होटल संचालन पर रोक लगाने का प्रयास है बल्कि अन्य अवैध कारोबारियों के लिए भी कड़ा संदेश है कि निगम की अनुमति और नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
