
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध धान तस्करी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत देवभोग पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते दिवस पुलिस को लावारिश अवस्था में भारी मात्रा में धान का डंप मिला, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि कुल 80 कट्टा डम्प किया हुआ अवैध धान जब्त किया गया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह पूरा स्टॉक तस्करों द्वारा छिपाकर रखा गया था, जिसे समर्थन मूल्य में खपाने की तैयारी थी।

देवभोग पुलिस लगातार क्षेत्र में निगरानी बढ़ा रही है, जिसके चलते पिछले 21 दिनों में ही 22 चारपहिया वाहनों को जब्त किया जा चुका है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने धान तस्करों के नेटवर्क को कमजोर कर दिया है। अब तक पुलिस 23 लाख 13 हजार रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त कर चुकी है, जो जिले में चल रही अवैध गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाता है।

जानकारी के अनुसार, ओडिशा राज्य से बड़े पैमाने पर धान तस्करी कर उसे छत्तीसगढ़ की मंडियों में समर्थन मूल्य में खपाने का खेल चल रहा था। सीमा क्षेत्रों में सक्रिय इन गिरोहों ने कई बार रणनीति बदलकर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश की, लेकिन लगातार सख्ती और चौकसी के चलते उनकी योजनाएं बेनकाब हो रही हैं।

पुलिस का कहना है कि धान तस्करी के पीछे संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो किसानों के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर धान को वैध दिखाने की कोशिश करता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, साथ ही संदिग्ध वाहनों और गोदामों पर लगातार छापेमारी जारी है।
लगातार हुई बड़ी कार्रवाइयों से धान तस्करों के हौसले पस्त हो चुके हैं और पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कीमत पर अवैध धान को समर्थन मूल्य में खपाने नहीं दिया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
