
जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के करही गाँव में 15 सितंबर की सुबह दो युवकों सूरज यादव और मनोज कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। घटना के तुरंत बाद सक्रिय हुई जांजगीर पुलिस ने तेज़ी से जांच कर 24 घंटे के अंदर ही हत्या के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार पांडेय ने आज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रारम्भिक स्वीकृति और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मौत शराब पीने के कारण नहीं, बल्कि सुहागा मिलाकर की गई हत्या थी।

पुलिस रिकार्ड के अनुसार, 15 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे मृतक सूरज यादव व मनोज कश्यप थाना बिर्रा के करही ग्राम में स्थित शराब विक्रेता सुरेन्द्र उर्फ भोला टंडन के पास आए। दोनों ने शराब खरीदी और पास ही एक दुकान से चखना लेकर वहीं बैठकर शराब पीना शुरू किया। कुछ ही देर में दोनों की तबियत अचानक खराब हो गई और उन्हें तत्काल राधा कृष्ण अस्पताल, सारंगढ़ ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना सारंगढ़ व थाना बिर्रा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मर्ग कायम कर पंचनामा, साक्ष्य-संग्रह व प्रारम्भिक जांच शुरू कर दी गई।

एसपी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि घटना स्थल का निरीक्षण, परिजनों व गवाहों के बयानों तथा पीएम रिपोर्ट के अवलोकन से प्रथमदृष्ट्या यह प्रतीत हुआ कि अपराध घातक पदार्थ मिलाकर किया गया है। पुलिस ने इस पर गम्भीरता से मामला लेते हुए विशेष जांच टीम गठित की। प्राप्त जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने संदेहियों का पता लगाया और करही निवासी सुरेंद्र टंडन उर्फ भोला टंडन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सुरेंद्र ने आरोप स्वीकार कर लिया और अपने चचेरे भाई अनिल टंडन के साथ मिलकर दोनों युवकों को सुहागा मिलाकर देने की बात कबूल की।

पुलिस ने बताया कि मामले से संबंधित साक्ष्यों के रूप में आरोपियों के कब्जे से सुहागा रेपर और बड़ा सूजा बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों भोला/सुरेंद्र टंडन व अनिल टंडन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। मामला हत्या के रूप में दर्ज कर विस्तृत विवेचना जारी है और मृत्यु के कारणों की पुष्टि के लिए अतिरिक्त फॉरेंसिक परीक्षण कराने की भी बात कही जा रही है।

एसपी पांडेय ने कहा कि पुलिस ने इस दुर्घटना को सिर्फ़ ‘नशीली शराब से मौत’ मानकर टालने की बजाय गम्भीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई कर साज़िश के सूत्रधारों को धर-दबोचा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अवैध बिक्री व संदिग्ध शराब सम्बन्धी जानकारियाँ तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले के समस्त पहलुओं—शराब की खरीद के स्रोत, सुहागा के स्रोत एवं किसी तीसरे के संलिप्त होने—की गहन जांच की जा रही है।

स्थानीय लोग और मृतक के परिजन इस घटना से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों के बीच अवैध शराब बिक्री व उसके दुष्परिणामों को लेकर चिंता है। इस घटना ने फिर से यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि नशेड़ी परिवेश और अवैध शराब व्यवस्था किस तरह समाज के सामान्य लोगों के जीवन के लिये जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
मामले की आगे की जांच, रिपोर्टों और फॉरेंसिक परीक्षणों के बाद पुलिस अगले कदम उठाएगी। जिसमें आवश्यक कानूनी धाराओं के अंतर्गत आरोप तय करना और संबंधित आपूर्तिकर्ताओं/स्रोतों तक पहुँचना शामिल है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है और घटना की विवेचना तीव्र गति से चल रही है।
