Saturday, August 30, 2025
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छत्तीसगढ़ स्वास्थ विभाग की लचर व्यवस्था : अस्पताल में अंधेरा, टॉर्च की रोशनी में डॉक्टर ने कराई डिलीवरी, जनरेटर नहीं, मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च पर चल रहा अस्पताल, वीडियो हो रहा वायरल…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां बिजली गुल होने के कारण डॉक्टर को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर डिलीवरी करानी पड़ी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गुस्सा देखने को मिल रहा है।

डिलीवरी के दौरान अचानक बिजली चली गई। हालात इतने बिगड़े कि नर्स को परिजनों से मोबाइल लेकर उसका टॉर्च जलाना पड़ा। इसी रोशनी में डॉक्टर ने महिला का सफल प्रसव कराया।

जनरेटर तक नहीं अस्पताल में

अस्पताल में न तो जनरेटर की व्यवस्था है और न ही बिजली जाने पर कोई वैकल्पिक सुविधा। कई बार नर्सों को मोमबत्ती की रोशनी में भी काम करना पड़ता है। उनका कहना है कि बिजली कटौती की शिकायत कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला।

आंदोलन की चेतावनी

बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष फिरोज दिवाकर ने घटना को कैमरे में कैद कर स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था की कड़ी आलोचना की। उन्होंने साफ कहा कि अगर व्यवस्थाएं जल्द नहीं सुधरीं तो बसपा इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी।

बीएमओ का बयान

बीएमओ डॉ. उमेश साहू ने बताया कि सुबह से ही डीओ कटने के कारण बिजली सप्लाई बाधित थी। डिलीवरी रूम का इनवर्टर कनेक्शन भी काम नहीं कर रहा था। कई बार बिजली बंद होने के बावजूद मोबाइल टॉर्च की रोशनी में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

यह घटना एक बार फिर से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उजागर करती है, जहां ज़िंदगी और मौत के बीच फ़ैसले मोबाइल टॉर्च की रोशनी पर टंगे रहते हैं।

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां बिजली गुल होने के कारण डॉक्टर को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर डिलीवरी करानी पड़ी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गुस्सा देखने को मिल रहा है। डिलीवरी के दौरान अचानक बिजली चली गई। हालात इतने बिगड़े कि नर्स को परिजनों से मोबाइल लेकर उसका टॉर्च जलाना पड़ा। इसी रोशनी में डॉक्टर ने महिला का सफल प्रसव कराया। जनरेटर तक नहीं अस्पताल में अस्पताल में न तो जनरेटर की व्यवस्था है और न ही बिजली जाने पर कोई वैकल्पिक सुविधा। कई बार नर्सों को मोमबत्ती की रोशनी में भी काम करना पड़ता है। उनका कहना है कि बिजली कटौती की शिकायत कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। आंदोलन की चेतावनी बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष फिरोज दिवाकर ने घटना को कैमरे में कैद कर स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था की कड़ी आलोचना की। उन्होंने साफ कहा कि अगर व्यवस्थाएं जल्द नहीं सुधरीं तो बसपा इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी। बीएमओ का बयान बीएमओ डॉ. उमेश साहू ने बताया कि सुबह से ही डीओ कटने के कारण बिजली सप्लाई बाधित थी। डिलीवरी रूम का इनवर्टर कनेक्शन भी काम नहीं कर रहा था। कई बार बिजली बंद होने के बावजूद मोबाइल टॉर्च की रोशनी में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। यह घटना एक बार फिर से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उजागर करती है, जहां ज़िंदगी और मौत के बीच फ़ैसले मोबाइल टॉर्च की रोशनी पर टंगे रहते हैं।