
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में प्रस्तावित श्री सीमेंट परियोजना को लेकर शनिवार को विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। चूना पत्थर खदान और सीमेंट प्लांट के विरोध में हजारों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के विशाल काफिले के साथ छुईखदान की ओर बढ़े। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव फैल गया। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस जवानों को खदेड़ भी दिया।

कहा जा रहा है कि ग्रामीणों का कहना है—यदि खदान शुरू हुई तो जलस्रोत खत्म होंगे, खेती और पशुपालन बर्बाद होगा और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा। यही वजह है कि 10 किलोमीटर के दायरे के 39 गांवों ने परियोजना के विरुद्ध लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। संडी, पंडारिया, विचारपुर और भरदागोड़ पंचायतें पहले ही ग्रामसभा प्रस्ताव के जरिए प्रोजेक्ट को खारिज कर चुकी हैं।
प्रदर्शनकारियों ने पैदल ही एसडीएम कार्यालय पहुंचकर 11 दिसंबर को निर्धारित जनसुनवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग करतें हुए ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि जनसुनवाई प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और प्रभावित गांवों की आवाज को दबाया जा रहा है।
इधर, आक्रोशित किसानों ने ज्ञापन सौंपने के बाद राजनांदगांव-कवर्धा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे आवागमन ठप हो गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसकी वजह से माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
ग्रामीणों ने साफ कहा है—जब तक जनसुनवाई रद्द नहीं होती और परियोजना को रोकने का फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालात को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ हालात पर नजर रखे हुए हैं।
