Saturday, August 30, 2025
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rising crime rate : बिलासपुर में फिर गूंजी चाकू की धार – एक और युवक लहूलुहान, राखी पहनने गया दोस्त के घर, लौटते समय बना चाकूबाजी का शिकार, आम लोग दहशत में…

rising crime rate : बिलासपुर में फिर गूंजी चाकू की धार – एक और युवक लहूलुहान,rising crime rate : बिलासपुर। जो कभी अपनी शांति और कानून व्यवस्था के लिए जाना जाता था, अब अपराध के साए में जी रहा है। बीते दिन कोतवाली थाना क्षेत्र में चाकूबाजी में एक युवक की मौत हुई ही थी कि अगले ही दिन एक और चाकू बाजी की घटना सामने आई है। जहां एक युवक को बदमाशों ने चाकू से लहूलुहान कर दिया। युवक अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला। जिसके बाद युवक थाना पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई। (rising crime rate)

यह भी पढ़ें :- Bilaspur police action : सड़क पर जन्मदिन का जश्न पड़ा भारी: 10 युवक गिरफ्तार, पुलिस ने युवकों का जुलूस निकाल कराई उठक बैठक…

rising crime rate : अंजनेय यूनिवर्सिटी

पीड़ित घनश्याम धनकड़ के अनुसार, वह अपने दोस्त के घर से राखी बंधवाकर अपने घर की ओर जा रहा था। तभी मोहल्ले के 70-80 लोगों उन्हें रोक लिया। और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पीड़ित ने अनुसार, पीयूष घोरे, आयुष घोरे और तपेंद्र सोनकर और उसके साथी ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। फिलहाल सभी आरोपी अभी फरार है।

यह भी पढ़ें :- show-cause notice : भाजपा नेता पर अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग का आरोप, पार्टी ने थमाया नोटिस, क्या होगी कार्रवाई? भाजपा नेत्री ने वीडियो क्लिप के साथ की थी शिकायत…

बता दें कि, कुछ दिन पहले ही तालापारा में मोहम्मद निसार पर चाकू और ब्लेड से हमला, जेल के बाहर मां-बेटे से मारपीट, और उसलापुर में लोको पायलट व सुरक्षाकर्मी के साथ हिंसा। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।

यह भी पढ़ें :- Durg school fight : स्कूल बना अखाड़ा! डीएवी स्कूल में 10वीं के छात्रों ने 11वीं के छात्र को पीटा, गंभीर हालत में भर्ती, परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग…

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस की गश्त और निगरानी कम हो गई है, शिकायतें दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई धीमी पड़ जाती है, और कई आरोपी खुलेआम घूमते हैं। नतीजा—लोगों में भय, और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिलासपुर को फिर से ‘शांति का टापू’ बनाने के लिए सिर्फ पदस्थापना बदलना काफी नहीं है। जरूरत है—जमीनी स्तर पर तेज़ कार्रवाई, सक्रिय गश्त, मजबूत खुफिया नेटवर्क और अवैध कारोबार पर नकेल कसने की। वरना यह शहर, जो कभी सुकून का प्रतीक था, अपराध के नक्शे पर और गहरे रंग से उभर जाएगा।

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rising crime rate : बिलासपुर में फिर गूंजी चाकू की धार – एक और युवक लहूलुहान,rising crime rate : बिलासपुर। जो कभी अपनी शांति और कानून व्यवस्था के लिए जाना जाता था, अब अपराध के साए में जी रहा है। बीते दिन कोतवाली थाना क्षेत्र में चाकूबाजी में एक युवक की मौत हुई ही थी कि अगले ही दिन एक और चाकू बाजी की घटना सामने आई है। जहां एक युवक को बदमाशों ने चाकू से लहूलुहान कर दिया। युवक अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला। जिसके बाद युवक थाना पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई। (rising crime rate) यह भी पढ़ें :- Bilaspur police action : सड़क पर जन्मदिन का जश्न पड़ा भारी: 10 युवक गिरफ्तार, पुलिस ने युवकों का जुलूस निकाल कराई उठक बैठक… rising crime rate : अंजनेय यूनिवर्सिटी पीड़ित घनश्याम धनकड़ के अनुसार, वह अपने दोस्त के घर से राखी बंधवाकर अपने घर की ओर जा रहा था। तभी मोहल्ले के 70-80 लोगों उन्हें रोक लिया। और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पीड़ित ने अनुसार, पीयूष घोरे, आयुष घोरे और तपेंद्र सोनकर और उसके साथी ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। फिलहाल सभी आरोपी अभी फरार है। यह भी पढ़ें :- show-cause notice : भाजपा नेता पर अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग का आरोप, पार्टी ने थमाया नोटिस, क्या होगी कार्रवाई? भाजपा नेत्री ने वीडियो क्लिप के साथ की थी शिकायत… बता दें कि, कुछ दिन पहले ही तालापारा में मोहम्मद निसार पर चाकू और ब्लेड से हमला, जेल के बाहर मां-बेटे से मारपीट, और उसलापुर में लोको पायलट व सुरक्षाकर्मी के साथ हिंसा। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। यह भी पढ़ें :- Durg school fight : स्कूल बना अखाड़ा! डीएवी स्कूल में 10वीं के छात्रों ने 11वीं के छात्र को पीटा, गंभीर हालत में भर्ती, परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग… स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस की गश्त और निगरानी कम हो गई है, शिकायतें दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई धीमी पड़ जाती है, और कई आरोपी खुलेआम घूमते हैं। नतीजा—लोगों में भय, और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल। विशेषज्ञों का मानना है कि बिलासपुर को फिर से ‘शांति का टापू’ बनाने के लिए सिर्फ पदस्थापना बदलना काफी नहीं है। जरूरत है—जमीनी स्तर पर तेज़ कार्रवाई, सक्रिय गश्त, मजबूत खुफिया नेटवर्क और अवैध कारोबार पर नकेल कसने की। वरना यह शहर, जो कभी सुकून का प्रतीक था, अपराध के नक्शे पर और गहरे रंग से उभर जाएगा।