
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में रविवार तड़के पुलिस और कुख्यात डकैती गिरोह के मास्टरमाइंड के बीच मुठभेड़ हो गई। सुबह करीब 5 बजे हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के सरगना रामनाथ का शॉर्ट एनकाउंटर किया, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी है। घायल हालत में उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस मुठभेड़ का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घायल बदमाश दर्द से कराहता हुआ “दादा-दादा” कहते हुए रोता नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कैसे हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, डकैती की कई वारदातों को अंजाम देने वाले इस गिरोह के खिलाफ लंबे समय से कार्रवाई चल रही थी। इससे पहलेड़ी देर पहले पुलिस ने गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर गिरोह के मास्टरमाइंड रामनाथ की लोकेशन मिली। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने उसकी घेराबंदी की।
खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी रामनाथ ने देशी कट्टे से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। हालात को देखते हुए शिवरीनारायण थाना प्रभारी राजीव श्रीवास्तव ने आत्मरक्षा में अपनी सर्विस पिस्टल से तीन राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा।

जिले में दहशत फैलाने वाली वारदातों का खुलासा
जानकारी के मुताबिक, 27 और 29 जनवरी की रात शिवरीनारायण और पामगढ़ थाना क्षेत्रों में इस गिरोह ने हथियारबंद होकर लूटपाट की थी। बदमाशों ने न सिर्फ राहगीरों से मोबाइल और नकदी लूटी, बल्कि विरोध करने पर उन पर बेरहमी से हमला भी किया। इन घटनाओं में कुल 13 लोग घायल हुए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल पीड़ितों का इलाज बिलासपुर और रायपुर में चल रहा है, जबकि एक युवक कोमा में बताया जा रहा है।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सुनसान और अंधेरे रास्तों को अपना निशाना बनाता था। बाइक और स्कूटी से घूमते हुए राहगीरों को रोककर सीधे सिर पर लोहे की रॉड, डंडे और पाइप से हमला करते थे, ताकि पीड़ित बचाव न कर सके। इसके बाद मोबाइल फोन और नकदी लूटकर फरार हो जाते थे। एक ही रात में कई वारदातों को अंजाम देकर इलाके में दहशत फैलाना इनकी रणनीति थी।

शिवरीनारायण और पामगढ़ की घटनाएं
29 जनवरी की रात शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के कचंदा गांव के पास नहर किनारे तीन अलग-अलग जगहों पर राह चलते लोगों को रोका गया। गाली-गलौज के बाद लोहे की रॉड से हमला कर मोबाइल और नकदी लूट ली गई।
वहीं 27 जनवरी की रात पामगढ़ इलाके के जोगिया नाला पुल, मेउ गांव और चेऊडीह के पास भी इसी गिरोह ने लोगों को घेरकर मारपीट और लूटपाट की। लक्ष्मण यादव को बाइक से गिराकर बेरहमी से पीटा गया और उनका मोबाइल व नकदी लूट ली गई थी।

कौन-कौन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें निखिल टंडन (18), मनीराम गोंड (19), नरेश यादव (19), रोशन टंडन (19), आयुष रात्रे (18) और सन्नी शामिल हैं। इसके अलावा दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपी राहौद और आसपास के क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं।

हथियार और लाखों की संपत्ति जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्टील रॉड, लोहे के पाइप, डंडे, बेल्ट, बाइक, स्कूटी, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। कुल मिलाकर लगभग 4.09 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि यही हथियार और सामान वारदातों में इस्तेमाल किए गए थे।
पुलिस का बयान
जांजगीर-चांपा के एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरोपी रामनाथ डकैती की कम से कम 6 वारदातों में शामिल रहा है। सुबह पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी ने पहले फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। वहीं एसडीओपी योगिता बाली खापर्डे ने भी पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है।
फिलहाल घायल आरोपी से अस्पताल में पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद जिले में सक्रिय डकैती गिरोह पर बड़ी चोट लगी है और आम लोगों ने राहत की सांस ली है।
