
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गणेशोत्सव के दौरान कुछ पंडालों में भगवान गणपति की प्रतिमाओं को कार्टून और क्यूट रूप में प्रस्तुत किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। इसको लेकर सोमवार को सर्व हिन्दू समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में SSP रायपुर से मिले और ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई।

सर्व हिन्दू समाज ने ज्ञापन में कहा कि गणपति बप्पा पूरे भारत वर्ष में प्रथम पूज्य देवता के रूप में पूजे जाते हैं। रायपुर शहर में भी श्रद्धालु बड़े-बड़े पंडाल बनाकर उनकी भव्य आराधना कर रहे हैं। लेकिन कुछ आयोजक समितियां गणपति जी की मूल प्रतिमा को विकृत कर कार्टून और हास्य रूप में स्थापित कर रही हैं, जो आस्था और धार्मिक परंपराओं के खिलाफ है।

संगठन ने इस प्रकार की प्रतिमाओं को आस्था के साथ खिलवाड़ करार देते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी प्रतिमाओं का त्वरित विसर्जन कराया जाए और जिन समितियों ने इस तरह की मूर्तियां स्थापित की हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।

सर्व हिन्दू समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर कड़ा कदम नहीं उठाया, तो हिन्दू समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

संगठन ने चेताया कि धार्मिक आस्था का मज़ाक बनाना भविष्य के लिए बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। गणपति जी को क्यूट या कार्टून रूप में प्रस्तुत करना न केवल परंपराओं के विरुद्ध है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है।
