
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग के एक प्रधान आरक्षक पर गंभीर आरोप लगने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां एक छोटे व्यवसायी ने पुलिसकर्मी पर जबरन पैसे वसूलने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था।

जानकारी के मुताबिक, कोतरा रोड इलाके में टपरी होटल चलाने वाले एक व्यवसायी ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर एक फेरी वाले से 100 पैकेट राजश्री गुटखा खरीदा था। इसी मामले को आधार बनाकर सिटी कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक लोमस राजपूत ने तीनों व्यवसायियों को थाने बुलाया।

बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी ने उन पर चोरी का माल खरीदने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की धमकी दी। आरोप है कि मामले से बचाने के नाम पर 50 हजार रुपए की मांग की गई। घबराए टपरी संचालक ने 20 हजार रुपए नकद दे दिए, लेकिन इसके बाद भी कथित तौर पर 5 हजार रुपए और देने का दबाव बनाया जाने लगा।

लगातार दबाव से परेशान होकर पीड़ित व्यवसायी ने बिलासपुर आईजी से लिखित शिकायत की और पूरी घटना की जांच की मांग की। शिकायत में वसूली गई रकम वापस दिलाने की भी मांग की गई।

मामले की जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक लोमस राजपूत को निलंबित कर रक्षित केंद्र लाइन अटैच कर दिया है। यह घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है।

