Wednesday, February 11, 2026
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दोस्ती पर कलंक: 3000 रुपए के लिए दोस्त ने दोस्त की कर दी हत्या, पहले पिलाई शराब, फिर सिर पर पत्थर मारकर ली जान, अब पहुंचा सलाखों के पीछे…

उधारी के पैसे न लौटाने पर दोस्त की हत्या, आरोपी गिरफ्तार/

शराब पीने के बहाने बुलाकर हत्या/

दुर्ग। दोस्ती में विश्वास और सहयोग का प्रतीक होता है, लेकिन जब उधारी के पैसे को लेकर झगड़ा हो जाए, तो रिश्ते कितनी जल्दी खून में बदल सकते हैं। इसका उदाहरण 6 दिसंबर की रात, आरोपी अजय यादव ने उधारी के 3000 रुपये न मिलने पर अपने दोस्त लोकेश्वर बंजारे की हत्या कर दी। उसने शराब पीने के बहाने उसे बुलाया और नहर किनारे पत्थर से वार कर मौत के घाट उतार दिया।  पूरा मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र का है।

लोकेशन पर मिला शव

लोकेश्वर का शव वीरांगना अवंती बाई भवन के पास नहर किनारे मिला। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। मृतक के सिर पर पत्थर से वार के निशान थे, जिससे उसकी हत्या की पुष्टि हुई।

तकनीकी साक्ष्य से हुआ खुलासा

ASP दुर्ग सुखनंदन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज के नेतृत्व में जांच टीम बनाई। सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी अजय यादव उर्फ टंगिया ने घटना को अंजाम दिया।

आरोपी ने कबूला जुर्म

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने लोकेश्वर को एक माह पहले 3000 रुपये उधार दिए थे। बार-बार पैसे मांगने पर भी टालमटोल के कारण गुस्से में आकर उसने हत्या की योजना बनाई। शराब पिलाने के बाद लोकेश्वर से पैसे की मांग की, लेकिन उसके गाली-गलौज करने पर पत्थर से वार कर हत्या कर दी।

आरोपी कवर्धा से गिरफ्तार

पुलिस टीम ने आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड्स और उसके रिश्तेदारों पर नजर रखी। जानकारी मिलने पर कवर्धा में छापेमारी कर आरोपी अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया।  पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस केस को सुलझाने में थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज, सउनि यशवंत श्रीवास्तव, प्र.आर. रोहित यादव सहित कई पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गिरफ्तार आरोपी का नाम –

जय यादव उर्फ टंगिया  उम्र: 28 साल – पिता का नाम: स्व. मोहन यादव – निवास:ग्राम पत्थरपुंजी, थाना बेरला, जिला बेमेतरा

दोस्ती की कीमत – 

यह घटना हमें यह सिखाती है कि दोस्ती के रिश्ते में छोटे से विवाद भी बड़े परिणामों की ओर ले जा सकते हैं। उधारी के मामूली विवाद ने दो अच्छे दोस्तों के बीच ऐसी दरार पैदा की, जिसकी भरपाई अब कभी नहीं हो सकेगी।

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