Sunday, February 15, 2026
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अंधविश्वास बना मौत का कारण: चार बच्चों की मौत के सदमे में पड़ोसी महिला को टोनही समझकर कुल्हाड़ी से मार डाला…

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से अंधविश्वास पर आधारित एक और खौफनाक घटना सामने आई है। कुसमी थाना क्षेत्र के गुटराडीह गांव में जादू-टोना के शक में एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपी महिला ने पड़ोसन को कुल्हाड़ी से मारकर मौत के घाट उतार दिया और दूसरी महिला को भी निशाना बनाने की तैयारी में थी, लेकिन वह बच गई।

टोनही के शक में खून की वारदात

मामला कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम गुटराडीह का है। आरोपी महिला की पहचान सीतापति नगेशिया के रूप में हुई है, जबकि मृतका चंद्रकली नगेशिया (55 वर्ष) उसकी पड़ोसन थी। जानकारी के मुताबिक़, सीतापति को अपनी पड़ोसी महिलाओं पर टोनही (जादू-टोना) होने का शक था। इसी अंधविश्वास के चलते रविवार शाम उसने कुल्हाड़ी से चंद्रकली पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी दूसरी महिला को भी मारने के लिए उसके घर पहुंची, लेकिन वह उस समय घर पर नहीं थी, जिससे उसकी जान बच गई।

चार बच्चों की मौत ने बढ़ाया शक

पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ वर्षों में सीतापति के चार बच्चों की बीमारी और पेट दर्द से मौत हो चुकी थी। हाल ही में उसके तीसरे बेटे की मौत होने के बाद वह मानसिक तनाव में आ गई थी और इस सदमे के बीच उसे यह भ्रम हो गया कि उसके बच्चों की मृत्यु के लिए पड़ोसन चंद्रकली जिम्मेदार है। इसी शक ने अंधविश्वास को जन्म दिया और धीरे-धीरे हत्या की साजिश में बदल गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

घटना की जानकारी मिलते ही कुसमी थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि मामला साफ तौर पर अंधविश्वास और मानसिक तनाव से जुड़ा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि ऐसे कुप्रभावों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

गांव में दहशत और शोक का माहौल

घटना के बाद गुटराडीह गांव में मातम और दहशत दोनों का माहौल है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में अंधविश्वास किसी की जान न ले सके।

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