
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम सरवानी से अंधविश्वास के चलते रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 38 वर्षीय विष्णु केंवट ने अपनी ही मां मंटोरा बाई (60) की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। आरोपी का कहना है कि उसकी मां बच्चों पर जादू-टोना कर रही थी।

जानकारी के मुताबिक, विष्णु केंवट के बच्चे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कई जगह इलाज कराने के बावजूद जब कोई फायदा नहीं हुआ तो वह वैद्य और बैगाओं के पास चक्कर लगाने लगा। इसी दौरान एक बैगा ने विष्णु को यकीन दिला दिया कि उसके बच्चों की तबीयत खराब होने की वजह उसकी मां है, जो उन पर टोटका कर रही है।

इस झूठे बहकावे में आकर विष्णु ने शुक्रवार दोपहर अपनी मां की झोपड़ी में जाकर आरोप लगाया। जब मां ने इस बात से साफ इनकार कर दिया तो गुस्से में उसने कुल्हाड़ी उठाई और ताबड़तोड़ वार कर दिए। मौके पर ही मंटोरा बाई की दर्दनाक मौत हो गई।

हत्या के बाद विष्णु भागा नहीं, बल्कि सीधे चकरभाठा थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

चकरभाठा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी विष्णु केंवट के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि वारदात अंधविश्वास और बैगा के बहकावे का नतीजा है। पुलिस अब उस बैगा की तलाश में भी जुटी है, जिसने आरोपी को बरगलाकर इतनी बड़ी वारदात कराई।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आधुनिक युग में भी अंधविश्वास और झाड़-फूंक पर विश्वास लोगों की जान तक ले रहा है।
