
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को अवकाश के दिन कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को लेकर कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने प्रभारी सचिवों को भी जिलों में पैनी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील केंद्रों की गहन निगरानी करने, धान खरीदी में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से चौकसी बढ़ाने को कहा। साथ ही उन्होंने अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को भी निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के पंजीकरण को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि कलेक्टर विशेष शिविरों के माध्यम से शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) में कोई भी पात्र किसान बाहर न रह जाए। योजना का लाभ सभी किसानों तक समय पर पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। बस्तर और सरगुजा संभाग में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ विशेष फोकस करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार किसानों का एक-एक दाना धान खरीदेगी। किसान पोर्टल पर किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण समय पर पूरा करना जरूरी है। दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क समस्या होने पर विशेष शिविर लगाकर पंजीकरण पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने उन जिलों की भी समीक्षा की, जहां किसान पंजीकरण की प्रगति धीमी है और आगे की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित रहे। यह आयोजन इसलिए रविवार को रखा गया ताकि रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
