
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अश्लील डांस के मामले के बाद अब सूरजपुर जिले से भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के चर्चित पर्यटन स्थल कुमेली वॉटरफॉल के पास स्थित वन विभाग के शासकीय रेस्ट हाउस में बार बालाओं के अश्लील नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि रात के समय सरकारी रेस्ट हाउस में बाकायदा आर्केस्ट्रा की व्यवस्था की गई है, जहां भड़काऊ कपड़े पहनी महिला डांसर्स अश्लील नृत्य कर रही हैं। महफिल में मौजूद रसूखदार लोग न सिर्फ इस डांस का आनंद लेते दिख रहे हैं, बल्कि उन पर पैसे लुटाते और खुद भी नाचते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार यह वीडियो तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुमेली रेस्ट हाउस में इस तरह की रंगीन महफिलें कोई नई बात नहीं हैं, बल्कि यहां लगातार नियमों को ताक पर रखकर रात में आयोजन किए जाते रहे हैं।
शराबखोरी और जुए की भी चर्चा
जानकारी के मुताबिक, इन आयोजनों के दौरान शराबखोरी खुलेआम होती है। वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यहां 52 परियों (ताश) पर दांव लगने जैसी गतिविधियां भी चलती हैं। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक प्रशासन या वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने नहीं आया है।

अनुमति किसकी? उठ रहे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की मौन सहमति से ही रेस्ट हाउस को रात के अंधेरे में रसूखदार लोगों के लिए खोला जाता है। इसके बाद यहां इस तरह के गैरकानूनी और अमर्यादित कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जो स्थानीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बना था रेस्ट हाउस
गौरतलब है कि कुमेली वॉटरफॉल के समीप बना यह रेस्ट हाउस पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा तैयार किया गया था। इसमें पर्यटकों की सुविधा के लिए बिजली, पानी, जनरेटर, सुरक्षा, फर्नीचर, बेड और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
लेकिन अश्लीलता और अवैध गतिविधियों के आरोप सामने आने के बाद पर्यटक भी इस स्थान से दूरी बनाने लगे हैं, जिससे जिले की पर्यटन छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो शासकीय संपत्तियों का दुरुपयोग और बढ़ेगा।
