
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी रायपुर ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बना। रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन केवल एक औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि जनता और संस्कृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक बन गया।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में असाधारण रहा। महज़ छह घंटों में उन्होंने पांच प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, और उसके बाद लगातार उन्नीस ट्वीट कर छत्तीसगढ़ की मिट्टी, मेहनत और मन को नमन किया। इन ट्वीट्स में आयोजन की झलकियाँ, राज्य की उपलब्धियाँ और यहां के लोगों की ऊर्जा को रेखांकित किया गया।

मानवीय संवेदना और नेतृत्व का संगम
सत्य साईं हॉस्पिटल में बच्चों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री का एक अलग रूप देखने को मिला। बच्चों से उन्होंने सहजता से बातें कीं, उन्हें प्रोत्साहित किया और स्नेहपूर्वक पुचकारा। यह दृश्य उनके नेतृत्व के मानवीय पक्ष को उजागर करता है—जहाँ राजनीति से ऊपर भावनात्मक जुड़ाव दिखाई देता है।

आध्यात्मिकता के साथ आधुनिकता का संदेश
ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र में मोदी ने शांति, संयम और आत्म-संतुलन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “प्रगति केवल आर्थिक विकास से पूरी नहीं होती, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी आवश्यक है।” यह वक्तव्य आज के तनावग्रस्त समाज के लिए एक संतुलित जीवनशैली की दिशा दिखाता है।

लोकतंत्र के मंदिर से दिया नया संदेश
नए विधानसभा भवन के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की मूल भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि “विधानसभा केवल विधेयक पारित करने का स्थल नहीं, बल्कि जनता के सपनों को आकार देने का मंदिर है।” यह बयान केवल छत्तीसगढ़ नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लोकतांत्रिक मर्यादाओं की पुनर्स्मृति थी।
डिजिटल युग में संवाद का नया प्रारूप
प्रधानमंत्री के उन्नीस ट्वीट इस बात का प्रमाण हैं कि अब नेतृत्व केवल मंचों तक सीमित नहीं रहा। संवाद डिजिटल माध्यमों से निरंतर जारी है। हर ट्वीट में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और संभावनाओं की सराहना की गई—जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह राज्य अब राष्ट्रीय विकास कथा का नायक बन चुका है।

राज्य की आत्मा को छुआ यह दौरा
रजत जयंती का यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए केवल उत्सव नहीं, बल्कि नई दिशा का संकेत साबित हुआ। मोदी का यह प्रवास संवाद, संस्कार और संकल्प—तीनों का समागम रहा। और जब किसी राज्य की वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के उन्नीस संदेश गूंजें, तो यह साफ़ है कि अब देश का दिल धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ की धड़कनों में बसने लगा है।

