
दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन के रिटेंशन से जुड़े फैसलों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बीएसपी कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों के समर्थन में विधायक देवेंद्र यादव का सत्याग्रह तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रबंधन से बातचीत के बावजूद विधायक ने अपना उपवास तोड़ने से साफ इनकार कर दिया।

विधायक देवेंद्र यादव का कहना है कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बीएसपी प्रबंधन की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि रिटेंशन से जुड़ा फैसला भिलाई शहर की बसाहट और अस्तित्व पर सीधा हमला है। इसी के विरोध में वे सत्याग्रह पर बैठे हैं और जब तक डायरेक्टर इंचार्ज से सीधी बातचीत नहीं होगी, तब तक उपवास जारी रहेगा।

बीएसपी प्रबंधन की ओर से आए प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। विधायक यादव ने बताया कि डायरेक्टर इंचार्ज का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है, जिसके चलते वे पिछले तीन दिनों से चर्चा के लिए उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारियों द्वारा अनशन समाप्त करने के आग्रह को भी उन्होंने ठुकरा दिया।

आज सुबह करीब 11 बजे बीएसपी के अधिकारी, एसडीएम हितेश पिस्दा और सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी सत्याग्रह स्थल पहुंचे थे। बातचीत के लिए शाम 4 बजे का समय तय किया गया। शाम को इस्पात भवन से जीएम अतुल नऊटीयाल और आईआर विभाग से जीएम जेएन ठाकुर चर्चा के लिए पहुंचे, लेकिन विधायक देवेंद्र यादव ने डायरेक्टर इंचार्ज की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए उनसे बातचीत करने से इनकार कर दिया।

सत्याग्रह स्थल पर विधायक के समर्थन में युवा कांग्रेस सहित विभिन्न सेक्टरों की महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचीं। विधायक ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य भिलाई को “बिकने से बचाना” है और इस पूरे मामले की जानकारी वे सांसद राहुल गांधी को भी देंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय भी बीएसपी प्रबंधन को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दे चुके हैं। ऐसे में बीएसपी प्रबंधन की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।
