
रायपुर। प्रदेश की सियासत में कांग्रेस के कथित घोटालों को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच राज्य के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए विवादित बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस की तुलना मुगलों और टीपू सुल्तान से करते हुए कहा कि जैसे इतिहास में लुटेरों को पहले “महान” बताया गया, वैसे ही कांग्रेस भी भ्रष्टाचार के पर्दे में खुद को जनता का हितैषी बताती रही है।

जायसवाल ने कहा, “रहीम ने कहा है — खैर, खून, खांसी, खुशी, बैर, प्रीति, मदपान, रहीमन दाबे न दबे, जानत सकल जहान।” इस शेर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियाँ और भ्रष्टाचार लंबे समय तक दबे नहीं रह सकते। “कांग्रेस के तमाम घोटाले एक-एक कर सामने आ रहे हैं। पहले मुगलों और टीपू सुल्तान को भी महान बताया जाता था, लेकिन अब सबको पता चल गया है कि वे लूटेरे थे, देश को लूटने आए थे। कांग्रेस का हाल भी अब वैसा ही है,” उन्होंने कहा।

जायसवाल के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पलटवार करते हुए कहा कि श्याम बिहारी जायसवाल को भारतवर्ष के इतिहास की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “जायसवाल जी को पहले इतिहास पढ़ना चाहिए — यह समझना चाहिए कि अंग्रेजों के शासन से पहले देश की स्थिति क्या थी और मुगल काल में भारत कैसा था। बिना जानकारी के इस तरह की तुलना करना कांग्रेस ही नहीं, बल्कि देश के इतिहास का भी अपमान है।”

साहू ने आगे कहा कि कांग्रेस को भाजपा से किसी ‘प्रमाण पत्र’ की जरूरत नहीं है। “कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई, लोकतंत्र को मजबूत किया। आज भाजपा के नेता सिर्फ भ्रम फैलाने और ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं,” उन्होंने जोड़ा।

जायसवाल के बयान से राज्य की राजनीति में फिर हलचल मच गई है। भाजपा नेता इसे “भ्रष्टाचार पर सत्य उजागर होने की प्रक्रिया” बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे बयान दे रही है।
फिलहाल यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाज़ी जारी है।
